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Bone Health: हड्डियों की ताकत सोख रहे हैं ये खाद्य-पदार्थ, युवाओं में बढ़ती जा रही है 'लो-बीएमडी' की समस्या

Thu, 14 Mar 2024 06:37 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हड्डियों की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
हड्डियां हमारे शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें होने वाली किसी समस्या के कारण आपके लिए सामान्य रूप से चलना, उठना और दैनिक जीवन के कार्यों को करना भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय के साथ हड्डियों से संबंधित विकारों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। कम उम्र में भी लोग हड्डियों में दर्द, कमजोरी यहां तक कि आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को इसका प्रमुख कारण माना जाता रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय के साथ कम उम्र के लोगों में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) कम होती जा रही है। बीएमडी, किसी व्यक्ति की हड्डियों में मौजूद खनिजों, मुख्य रूप से कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को संदर्भित करता है। इससे पता चलता है कि हड्डियों की मजबूती और घनत्व कितनी अच्छी है।

विशेषज्ञों ने कहा, लोगों में समय के साथ कम होती बीएमडी के कारण हड्डियों के फ्रैक्चर होने, अक्सर दर्द बने रहने और यहां तक कि आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का जोखिम तक हो सकता है। 
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हड्डियों से कम होते पोषक तत्व - फोटो : iStock
बोन मिनरल डेंसिटी कम होना समस्याकारक

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र में ही घटती बीएमडी की स्थिति जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाली हो सकती है। इसके लिए आहार में गड़बड़ी को मुख्य कारण माना जाता रहा है। स्वस्थ हड्डियों के विकास और रखरखाव के लिए आहार में कैल्शियम, विटामिन-डी और प्रोटीन जैसे प्रमुख पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होना आवश्यक है। अगर आपके भोजन में इन पोषक तत्वों की कमी है तो इससे  बीएमडी की दिक्कत बढ़ने का खतरा हो सकता है। लो बीएमडी, ऑस्टियोपोरोसिस जैसे गंभीर रोगों के विकास को भी बढ़ा सकती है।

अध्ययनों में कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों को हड्डियों से पोषकता कम कम करने वाला पाया गया है। इनसे दूरी बना लेना आपके लिए जरूरी है। 
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ज्यादा नमक के हैं कई नुकसान - फोटो : pixabay
नमक कम कर सकता है हड्डियों का घनत्व

शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए नमक के ज्यादा सेवन को नुकसानदाक माना जाता रहा है। ये न सिर्फ ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है साथ ही नमक के अधिक सेवन से किडनी और हड्डियों की समस्याओं के बढ़ने का भी खतरा रहता है। अधिक सोडियम (नमक) वाली चीजों के सेवन से मूत्र के माध्यम से कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ सकता है, जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों, चिप्स और फास्ट फूड्स में सोडियम की अधिकता हो सकती है। इससे दूरी बनाना आवश्यक है।

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चीनी के अधिक सेवन से होने वाली समस्या - फोटो : iStock
ज्यादा चीनी के भी नुकसान

ज्यादा चीनी वाली चीजों को डायबिटीज का कारण माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि इससे भी हड्डियों को क्षति पहुंचने का खतरा रहता है। अधिक चीनी वाले आहार से शरीर में सूजन बढ़ सकती है और हड्डियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है। इसी तरह से जो लोग अधिक मात्रा में मीठे पेय या सोडा का सेवन करते हैं, उनमें समय के साथ हड्डियों के खनिज घनत्व कम होने का खतरा रहता है। सोडा या मीठे पेय शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को भी प्रभावित करने वाले माने जाते हैं।
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प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के नुकसान - फोटो : iStock
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से भी बचें

प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ डायबिटीज से लेकर हाई ब्लड प्रेशर सहित हड्डियों में मौजूद शक्ति को कम करने वाले हो सकते हैं। प्रसंस्कृत मीट या अन्य  खाद्यों में अक्सर सोडियम, प्रिजर्वेटिव्स और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा अधिक होती है, जो हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकती है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर करने और ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को भी बढ़ाने वाला माना जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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