हड्डियां हमारे शरीर की संरचना को ठीक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनमें होने वाली किसी समस्या के कारण आपके लिए सामान्य रूप से चलना, उठना और दैनिक जीवन के कार्यों को करना भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय के साथ हड्डियों से संबंधित विकारों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। कम उम्र में भी लोग हड्डियों में दर्द, कमजोरी यहां तक कि आर्थराइटिस जैसी गंभीर समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को इसका प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, समय के साथ कम उम्र के लोगों में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) कम होती जा रही है। बीएमडी, किसी व्यक्ति की हड्डियों में मौजूद खनिजों, मुख्य रूप से कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को संदर्भित करता है। इससे पता चलता है कि हड्डियों की मजबूती और घनत्व कितनी अच्छी है।
विशेषज्ञों ने कहा, लोगों में समय के साथ कम होती बीएमडी के कारण हड्डियों के फ्रैक्चर होने, अक्सर दर्द बने रहने और यहां तक कि आर्थराइटिस जैसी समस्याओं का जोखिम तक हो सकता है।