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Heart Attack: कहीं आपको हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं? घर पर ही पांच मिनट में लगा सकेंगे पता

Sat, 20 Jul 2024 11:46 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
हार्ट अटैक के कारण दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। कोरोना महामारी के बाद से कम उम्र के लोगों में भी इसका जोखिम बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या रही है, ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है उनमें हार्ट अटैक का जोखिम अधिक हो सकता है। यह आपातकालीन स्थिति है, जिसमें रोगी को तुरंत चिकित्सा की आवश्यकता होती है।

हार्ट अटैक अचानक से होने वाली समस्या है, इससे बचाव के लिए जरूरी है कि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के साथ निरंतर हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाए।

क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे पहले से ही जाना जा सके कि कहीं आपको हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है? इसी से संबंधित एक अध्ययन में स्वीडिश विशेषज्ञों ने बड़ी राहत की जानकारी दी है। स्वीडिश अध्ययन के अनुसार, एक नया घरेलू टेस्ट केवल पांच मिनट में संभावित दिल के दौरे के जोखिम का पता लगा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये काफी सटीक है और इसकी मदद से हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
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हृदय रोगों का पता कैसे लगाएं - फोटो : istock
हार्ट अटैक का पता लगाने वाला टेस्ट

वैज्ञानिकों ने बताया कि ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित किट (डीआईवाई टेस्ट किट) है जिसमें प्रश्नावली सेट की गई है जो डॉक्टर की जांच के समान सटीकता के साथ हार्ट अटैक के जोखिम वाले लोगों की पहचान कर सकती है। शोध के अनुसार, ये जांच ब्लड टेस्ट और ब्लड प्रेशर के समान सटीकता से हार्ट अटैक के जोखिमों का पता लगाने में मददगार हो सकती है।

जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित अध्ययन में  50-64 वर्ष की आयु के 25,000 लोगों के डेटा का उपयोग किया गया है। गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख गोरान बर्गस्ट्रॉम कहते हैं, हमारे परीक्षण से लगभग दो-तिहाई लोगों में आसानी से कोरोनरी एथेरोस्क्लेरोसिस और हदय रोगों का जोखिम पहचानने में मदद मिली है। 
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हृदय रोगों का पता लगाने वाले कारक - फोटो : istock
डीआईवाई टेस्ट से लगा सकते हैं पता

शोधकर्ता लिखते हैं, दिल का दौरा अक्सर अचानक से पड़ता है। हार्ट अटैक वाले कई लोग स्वस्थ और लक्षणहीन भी होते हैं, लेकिन जांच में पता चलता है कि उनकी कोरोनरी धमनियों में वसा जमा हो गया है, जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस के रूप में जाना जाता है। इस टेस्ट को डीआईवाई नाम दिया गया है। इसमें 14 प्रश्न शामिल हैं जो आपकी आयु, लिंग, वजन, पेट की चर्बी, आप धूम्रपान करते हैं या नहीं, रक्तचाप के स्तर, हृदय रोगों का पारिवारिक इतिहास, ब्लड फैट और ब्लड शुगर से संबंधित है।

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हार्ट अटैक का पता लगाने वाली किट - फोटो : istock
AI-आधारित एल्गोरिदम का होता है इस्तेमाल

विशेषज्ञों ने बताया ये  AI-आधारित एल्गोरिदम प्रतिक्रियाओं पर आधारित है जो सभी सवालों के जबाव का आकलन करके उच्च जोखिम वाले लोगों में हार्ट अटैक के खतरे का पता लगा सकता है। अगर हम व्यापक रूप से लोगों को ये टेस्ट किट उपलब्ध करा सकें, तो यह हार्ट अटैक के जोखिम वालों की पहचान करने और उनकी जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है। 

प्रोफेसर  बर्गस्ट्रॉम कहते हैं, हम जल्द ही संयुक्त राज्य अमेरिका में भी इसका परीक्षण करने जा रहे हैं  ताकि यह मूल्यांकन किया जा सके कि परीक्षण विभिन्न समूहों पर कैसे काम करता है? 
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हार्ट अटैक के जोखिम कारक - फोटो : istock
जल्द उपलब्ध होगी टेस्ट किट

विशेषज्ञों की टीम ने कहा हम इस महीने के अंत तक कुछ जगहों पर डीआईवाई किट उपलब्ध कराना शुरू करेंगे, जो पहले स्थानीय डॉक्टरों के पास उपलब्ध होगी। किट, दिल के दौरे के जोखिमों की सटीक रीडिंग देने के अलावा, रोगियों के कोलेस्ट्रॉल की रीडिंग भी देगी, उनकी हृदय के आयु का अनुमान लगाएगी और बॉडी मास इंडेक्स स्कोर की भी गणना करेगी।

40-75 वर्ष की आयु के बीच के लोग, जो वर्तमान में ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, अपने डॉक्टर से निःशुल्क परीक्षण करवा सकते हैं। किट के निर्माता पोकडॉक ने कहा है कि परीक्षण करना और परिणाम प्राप्त करना ये सभी काम नौ मिनट के भीतर किए जा सकते हैं।



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स्रोत और संदर्भ
Home test reveals the risk of heart attack in five minutes

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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