फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Study: इतना खतरनाक हो सकता है डेंगू सोचा भी नहीं होगा आपने, अध्ययन में बड़ा खुलासा

Tue, 03 Sep 2024 03:39 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डेंगू और इसके दुष्प्रभाव - फोटो : amarujala.com
देश में हर साल सितंबर-अक्तूबर के महीनों में मच्छरजनित रोगों के मामले काफी बढ़ जाते हैं। डेंगू ऐसी ही एक गंभीर बीमारी है जिसके कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से होने वाला डेंगू तेज बुखार के साथ गंभीर स्थितियों में आंतरिक अंगों में रक्तस्राव का कारण बनता है। अगर इसका समय पर इलाज न हो पाए तो इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश के दक्षिणी राज्यों सहित महाराष्ट्र, दिल्ली में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। हड्डी तोड़ बुखार के नाम से भी जाने जाने वाले डेंगू के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर एक हालिया अध्ययन में बड़ा खुलासा हुआ है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि डेंगू संक्रमण की स्थिति हृदय स्वास्थ्य के लिए कोविड-19 से भी अधिक खतरनाक हो सकती है। डेंगू से ठीक हो चुके लोगों में कोविड रोगियों की तुलना में हृदय संबंधी जटिलताओं का जोखिम 55% अधिक देखा गया है। 
विज्ञापन

2 of 5
डेंगू और इसके जोखिम - फोटो : amarujala
कोविड से भी ज्यादा हो सकते हैं डेंगू के दुष्प्रभाव

जब से कोविड-19 का प्रकोप शुरू हुआ था, तब से इसके शरीर पर होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लगातार चर्चा होती रही है। शोध में पाया गया कि कोविड-19 रोग के कारण हृदय स्वास्थ्य पर गंभीर असर हो सकता है। हालांकि इस अध्ययन में बताया गया है कि डेंगू की बीमारी कोविड से भी कहीं ज्यादा आपके हृदय को क्षति पहुंचा सकती है। 

सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने डेंगू के कारण होने वाले इस दुष्प्रभाव का अध्ययन किया है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि डेंगू संक्रमण के बाद रोगियों में हृदय संबंधी बीमारियों की आशंका काफी अधिक होती है। ऐसे में डेंगू के बाद हृदय की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।


विज्ञापन

3 of 5
डेंगू के मामले - फोटो : freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन में प्रकाशित इस अध्ययन
के निष्कर्ष ने एक नई बहस छेड़ दी है। 

इस अध्ययन के लिए, सिंगापुर में जुलाई 2021 से अक्तूबर 2022 के बीच डेंगू से पीड़ित 11,707 और कोविड से पीड़ित 1,248,326 रोगियों की जांच की गई। प्रतिभागियों की संक्रमण के 300 दिन बाद तक स्वास्थ्य स्थितियों की निगरानी की गई। वैज्ञानिकों ने पाया कि डेंगू शरीर पर कई प्रकार से गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कई मामलों में गंभीर डेंगू के कारण लिवर डैमेज होने, मायोकार्डिटिस और तंत्रिका संबंधी समस्याएं भी देखी गई हैं। 

4 of 5
डेंगू के कारण हृदय की समस्या - फोटो : istock
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग में संक्रामक रोग और महामारी विज्ञान के प्रोफेसर क्वोक किन-ऑन कहते हैं, यह अध्ययन महत्वपूर्ण है। हमें पता चला है कि डेंगू कई मामलों में कोविड-19 से भी खतरनाक दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है। डेंगू से ठीक हो चुके लोगों में लंबी अवधि के स्वास्थ्य प्रभावों के जो परिणाम देखे गए हैं वह काफी चिंता बढ़ाने वाले हैं।

दीर्घकालिक रूप में डेंगू के कारण हार्ट, लिवर सहित कई महत्वपूर्ण अंगों को क्षति होने का भी खतरा हो सकता है। इसका संज्ञानात्मक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेंगू के गंभीर दुष्प्रभाव - फोटो : istock
ऑर्गन डैमेज और अन्य विकारों का खतरा

वैज्ञानिकों ने कहा, डेंगू रक्तस्रावी बुखार का कारण बनता है। रक्तस्राव और प्लेटलेट काउंट में कमी के कारण ऑर्गन डैमेज का जोखिम बढ़ जाता है। इसके कारण रोगियों में न सिर्फ हृदय रोगों का खतरा हो सकता है साथ ही डेंगू के कारण मस्तिष्क और  स्मृति विकारों का 213% अधिक जोखिम देखा गया है। इतना ही नहीं कोविड-19 के शिकार रहे लोगों की तुलना में डेंगू रोगियों में मूवमेंट डिसऑर्डर का जोखिम भी 198% अधिक हो सकता है। 


--------------
स्रोत और संदर्भ
Higher risk of long-term health complications for dengue patients than COVID-19 patients post-recovery


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें