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Study: करीब 40 तरह की बीमारियों से बचाव का मिल गया आसान तरीका, वजन घटाने के लिए तो सबसे फायदेमंद

Fri, 13 Sep 2024 05:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्वस्थ आहार का सेवन - फोटो : istock
वैश्विक स्तर पर बढ़ती क्रोनिक बीमारियां स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। कम उम्र में ही लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हो रहे हैं जिससे न सिर्फ क्वालिटी ऑफ लाइफ पर नकारात्मक असर पड़ता है साथ ही लोगों की औसत आयु भी कम हो गई है। कई अध्ययनों में शोधकर्ता बताते रहे हैं कि आहार और दिनचर्या में गड़बड़ी के कारण स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है, इसलिए इसमें सुधार के प्रयास करना जरूरी है।

फ्रंटिर्नयर्स इन न्यूट्रिशन जल में प्रकाशित हालिया शोध के आधार पर अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि खान-पान में कुछ बदलाव करके आप करीब 35-40 प्रकार की क्रोनिक बीमारियों और इसके कारकों से सुरक्षित रह सकते हैं। इसके लिए आहार में प्लांट बेस्ड चीजों की मात्रा बढ़ाना सबसे कारगर तरीका हो सकता है। पौधों पर आधारित आहार के दीर्घकालिक रूप से बेहतर स्वास्थ्य परिणाम देखे गए हैं। विशेष रूप से मोटापा कम करने और इससे संबंधित कई बीमारियों से बचाव में ये फायदेमंद तरीका हो सकता है। 

आप भी आज से ही अपनी डाइट में ये बदलाव जरूर कर लें। 
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प्लांट बेस्ड डाइट के लाभ - फोटो : istock
कई बीमारियों से हो सकता है बचाव

अध्ययनों से पता चलता है कि पौधों पर आधारित आहार के सेवन की आदत वजन को नियंत्रित करने और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों को रोकने में विशेष लाभकारी हो सकती है। अधिक वजन और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकारों को करीब 40 तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार पाया गया है। 

चीन स्थित शांदोंग यूनिवर्सिटी के क्यूलु अस्पताल के शोधकर्ताओं ने अध्ययनों की समीक्षा में पाया कि  प्लांट बेस्ड डाइट का अधिक सेवन करने वालों में मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर जैसी तेजी से बढ़ती बीमारियों का खतरा अपेक्षाकृत कम होता है।
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कोलेस्ट्रॉल कैसे रखें कंट्रोल? - फोटो : freepik.com
अध्ययन में क्या पता चला?

अध्ययनों के विश्लेषण में वजन घटाने और हृदय रोगों की रोकथाम के लिए पौधे पर आधारित चीजों के अधिक सेवन की सलाह दी गई है। इसके अनुसार शाकाहारी और वेगन डाइट का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर तरीके से मैनेज करने, हृदय और मस्तिष्क, पाचन क्रिया, प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती में बहुत लाभकारी पाया गया है।

इसका मतलब यह नहीं है कि मासांहार का सेवन नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन विशेषज्ञों ने यह सुझाव दिया है कि जहां तक संभव हो मांस पर आधारित चीजों का सेवन कम करने से स्वास्थ्य पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ सकता है।

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मोटापा कम करने का तरीका - फोटो : istock
वजन घटाने के लिए सबसे लाभकारी तरीका

विशेषज्ञों ने पाया प्लांट बेस्ड डाइट वजन घटाने के लिए सबसे लाभकारी है। इससे संबंधित 24 अध्ययनों की समीक्षा की गई जिसमें 18 से 82 वर्ष की आयु के 2,223 व्यक्तियों के डेटा का विश्लेषण था। इसके अनुसार शाकाहारी आहार विशेषतौर पर पौधों से प्राप्त चीजों का अधिक सेवन करने वाले प्रतिभागियों ने जहां तेजी से वजन घटाया और इसे कंट्रोल रखा वहीं अंडे और मांसाहार का सेवन करने वालों में वेट लॉस की दर कम थी।

कच्ची सब्जियों के अधिक सेवन को मोटापे और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में सबसे फायदेमंद पाया गया है।
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आहार में करें जरूरी बदलाव - फोटो : istock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने बताया कि कच्ची सब्जियों में फाइटोस्टेरॉल और असंतृप्त वसा जैसे यौगिक होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं। वहीं कैरोटीनॉयड, सैपोनिन और फ्लेवोनोइड जैसे पदार्थों में एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।

आहार विशेषज्ञ हेली बिशॉफ कहते हैं, यह अच्छी खबर है कि प्लांट-बेस्ड खाने के बारे में चर्चा अधिक लोकप्रिय हो रही है और इसके बेहतरीन लाभ भी देखे गए हैं। भोजन और नाश्ते का 50% हिस्सा पौधों पर आधारित चीजों का रखें। फाइबर का सेवन बढ़ाकर आपको इंफ्लामेशन, शरीर से अपशिष्ट को बाहर निकालने, रक्त लिपिड के स्तर को बेहतर बनाने और गंभीर रोगों से बचाव में मदद मिल सकती है। 



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स्रोत और संदर्भ
Relationship of vegetarianism with body weight loss and ASCVD

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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