स्कूल जाने से डर
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स्कोलियोनोफोबिया की क्या पहचान है?
आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि स्कूल फोबिया लगभग दो से पांच प्रतिशत बच्चों को प्रभावित करता है, यानी हर 20 बच्चों में से एक को ये समस्या हो सकती है। यह पांच से आठ साल के छोटे बच्चों में सबसे आम है। कई बच्चों में स्कोलियोनोफोबिया के प्राथमिक लक्षण शारीरिक होते हैं। जब वे स्कूल जाने के बारे में सोचते हैं, तो बच्चों को दस्त, सिरदर्द, मतली और उल्टी, पेटदर्द, कंपकंपी या अनियंत्रित कंपन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
कुछ बच्चे स्कूल जाने से पहले अपने माता-पिता से चिपक जाते हैं उन्हें छोड़ने से डरते हैं। बच्चों को अंधेरे का डर, बुरे सपने आने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। इस तरह के संकेत अगर आप लंबे समय तक देखते हैं तो सावधान हो जाने की आवश्यकता है।