लाइफस्टाइल और खान-पान में गड़बड़ी ने हमारी सेहत के कितना नुकसान पहुंचाया है, किस तरह से कम उम्र में ही गंभीर बीमारियां लोगों को चपेट में लेती जा रही हैं इसके बारे में हम सभी लगातार सुनते-पढ़ते रहते हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि मौजूदा समय में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मेंटल हेल्थ की समस्याओं का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है।
तेजी से भागती इस दुनिया में बच्चे और युवा पहले से कहीं ज्यादा दबाव और तनाव में हैं। सोशल मीडिया पर परफेक्ट दिखाने और लोकप्रियता पाने की होड़, पढ़ाई और करियर का दबाव दिमाग पर लगातार बोझ बढ़ाता जा रहा है। इसका मेंटल हेल्थ पर सीधा असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि एंग्जायटी, डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी समस्याएं काफी आम हो गई हैं।
एक हालिया रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दशकों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का बोझ और बढ़ने का खतरा है, जिससे लोगों की उत्पादकता तो कम होगी है साथ ही इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने की आशंका है।
ब्रिटेन की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि साल 2030 तक दो-तिहाई ब्रिटिश किशोरों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की आशंका है।