Medically Reviewed by-
डॉ ऋचा गुप्ता
श्वास रोग विशेषज्ञ
वेल्लौर
डॉ राजीव सिंह
नारायण स्वरूप हॉस्पिटल
प्रयागराज
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में रोग की गंभीरता के साथ मौत के मामले ज्यादा देखने को मिले हैं। मई के आखिरी हफ्तों में दूसरी लहर की रफ्तार तो धीमी पड़ गई लेकिन म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पहले भी ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले आते रहें हैं, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में स्टेरॉयड के ज्यादा इस्तेमाल के कारण यह ज्यादा चर्चा में आ गया है। कोरोना के गंभीर रोगियों, विशेषकर ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहने वाले लोगों के लिए दूसरी लहर में स्टेरॉयड को काफी महत्वपूर्ण दवा माना जा रहा है। रोगियों की जान बचाने के लिए बहुत से लोगों ने इस दवा को खुद से प्रयोग में लाना शुरू कर दिया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेरॉयड, गंभीर संक्रमण के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकता है, हल्के स्तर के संक्रमण में इसकी कोई आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा स्टेरॉयड के सेवन के दौरान कई अन्य स्थितियों पर ध्यान रखना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है, इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
आइए इस लेख में विशेषज्ञों से जानते हैं कि स्टेरॉयड के इस्तेमाल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है और क्या चीजें बिल्कुल नहीं करनी चाहिए?
कोविड-19 में स्टेरॉयड दवाओं का प्रयोग
स्टेरॉयड के इस्तेमाल से जुड़ी सावधानियों को जानने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि आखिर कोविड-19 के रोगियों में इस दवा का क्या इस्तेमाल है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के गंभीर संक्रमण के कारण इंफ्लामेशन (सूजन) की समस्या हो जाती है, जो फेफड़ों और श्वसन प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकती है। स्टेरॉयड दवाएं सार्स-सीओवी-2 वायरस के कारण होने वाली सूजन को कम करने में मदद करती हैं। स्टेरॉयड से कोरोना को ठीक किया जा सकता है, ऐसी सूचनाएं भ्रामक हैं।
विज्ञापन
3 of 7
खुद से न शुरू करें स्टेरॉयड का सेवन
- फोटो : Pixabay
डॉक्टर की सलाह पर ही लें स्टेरॉयड दवाइयां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड नहीं लेना चाहिए। भले ही रोगी में ऐसे लक्षण हैं जिनमें स्टेरॉयड से लाभ मिल सकता है, फिर भी खुद से ऐसी दवाओं का सेवन न शुरू करें, डॉक्टर से परामर्श लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। डॉक्टर रोगी की स्थिति को देखते हुए सही खुराक और कितने समय तक यह दवाई लेनी है, इस बारे में बता सकते हैं। स्टेरॉयड की ज्यादा मात्रा और लंबे समय तक इस्तेमाल, दोनों ही नुकसानदायक हैं।
4 of 7
स्टेरॉयड दवाइयों से शरीर को हो सकते हैं कई नुकसान
- फोटो : Social media
स्टेरॉयड की खुराक और अवधि का निर्धारण
विशेषज्ञों के अनुसार अच्छे परिणाम के लिए स्टेरॉयड की खुराक और अवधि का सही होना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। कोविड के शुरुआती समय में ही स्टेरॉयड देने से शरीर में वायरस लंबे समय तक बना रह सकता है। रोगी को फायदे से ज्यादा नुकसान होने का भी डर रहता है। इसके अतिरिक्त यदि स्टेरॉयड का उपयोग लंबे समय तक किया जाता है तो इससे फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
विज्ञापन
5 of 7
स्टेरॉयड के सेवन के समय बरतें सावधानियां
- फोटो : Social media
अचानक से न बंद करें दवाइयां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्टेरॉयड दवाइयों का सेवन अचानक से बंद नहीं कर देना चाहिए। सामान्यतौर पर डॉक्टर इसकी खुराक के निर्धारण के समय कई बातों को ध्यान में रखते हैं। विशेषज्ञ धीरे-धीरे खुराक को कम करने की सलाह देते हैं, इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। दवाइयों का सेवन अचानक से बंद कर देने के कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।
विज्ञापन
6 of 7
चिड़चिड़ापन और कई अन्य दिक्कतें होने का डर
- फोटो : social media
स्टेरॉयड के अधिक सेवन के नुकसान
बिना डॉक्टरी सलाह के स्टेरॉयड का लंबे समय तक या उच्च डोज में उपयोग कई तरह की दीर्घकालिक समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
मधुमेह रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
डायबिटीज रोगियों में स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल
यदि कोरोना से संक्रमित किसी डायबिटीज के रोगी को स्टेरॉयड लेने की सलाह दी गई है तो उन्हें नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर के स्तर की जांच करते रहना चाहिए। रोगी को डॉक्टर के संपर्क रहकर शरीर में होने वाले हर बदलाव के बारे में बात करना चाहिए। स्टेरॉयड दवाइयां स्वाभाविक रूप से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ा देती हैं, ऐसे में अनियंत्रित शुगर की स्थिति में रोगी को गंभीर समस्याएं होने का खतरा रहता है।
-------------- नोट: यह लेख डॉ ऋचा गुप्ता (श्वास रोग विशेषज्ञ, वेल्लौर) और डॉ राजीव सिंह (नारायण स्वरूप हॉस्पिटल, प्रयागराज) के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।