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फैक्ट चेक: कोरोना वैक्सीन से जुड़ी इन छह अफवाहों से खुद को बचाएं, जरूर लगवाएं टीका

Fri, 04 Jun 2021 10:36 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। अब तक 22 करोड़ से अधिक कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं। हालांकि कुछ-कुछ जगहों पर अभी भी लोग वैक्सीन से दूरी बना रहे हैं, खासकर गांवों में। दरअसल, सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर कई तरह की अफवाहें फैली हुई हैं, जिसने गांवों में टीकाकरण अभियान को पटरी से उतार दिया है। कई जगहों पर यह अफवाह फैली हुई है कि टीका लगवाने के बाद लोगों की मौत हो जा रही है, इससे लोग काफी डरे हुए हैं और टीका लगवाने से हिचक रहे हैं। इसके अलावा भी वैक्सीन को लेकर कई फर्जी दावे हैं, जो सोशल मीडिया पर घूम रहे हैं और लोग उनपर आंख मूंद कर विश्वास भी कर रहे हैं। पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने ऐसी ही कुछ अफवाहों से पर्दा उठाया है और वैक्सीन संबंधी अफवाहों से सावधान रहने की सलाह दी है। पीआईबी ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि गलत खबरों के बहकावे में न आएं और टीका जरूर लगवाएं। आइए जानते हैं सोशल मीडिया पर वैक्सीन से जुड़ी कौन-कौन सी अफवाहें फैली हुई हैं... 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर दावा किया जा रहा है कि एक या अधिक बीमारी से ग्रसित लोगों को टीका नहीं लगवाना चाहिए। पीआईबी ने इस दावे को फर्जी बताया है और कहा है कि 'एक या अधिक बीमारी से ग्रसित लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है, ऐसे लोगों को टीकाकरण जरूर करवाना चाहिए।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अन्य जो दावा किया जा रहा है, उसमें कहा जा रहा है कि टीकाकरण के बाद मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। इसपर पीआईबी का कहना है कि 'टीकाकरण के बाद भी कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना जरूरी है, जैसे मास्क पहनना, हाथ धोना और शारीरिक दूरी का पालन करना।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक अन्य फर्जी दावे के मुताबिक, अगर आप कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं, तो आपको वैक्सीन की जरूरत नहीं है। इसपर पीआईबी का कहना है कि 'कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को भी सलाह दी जाती है, वे कोविड- वैक्सीन के शेड्यूल का पालन करें। कोविड-19 से ठीक होने के तीन महीने बाद टीकाकरण जरूर करवाएं।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दावे के मुताबिक, कोविड वैक्सीन महिलाओं व पुरुषों में संतानहीनता का कारण हो सकती है। पीआईबी ने इस दावे को भी फर्जी बताया है और कहा है कि 'कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है व इसके महिलाओं या पुरुषों में संतानहीनता का कारण होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक अन्य फर्जी दावे के मुताबिक, महिलाओं को मासिक धर्म के पांच दिन पहले और पांच दिन बाद टीकाकरण नहीं करवाना चाहिए। इसपर पीआईबी का कहना है कि 'विशेषज्ञों द्वारा इस दावे को पूरी तरह खारिज किया गया है और बताया गया है कि मासिक धर्म के पांच दिन बाद या पांच दिन पहले टीकाकरण करवाने से कोई दुष्प्रभाव नहीं होते हैं।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक अन्य फर्जी दावे के मुताबिक, स्तनपान करा रही माताओं को कोविड का टीका नहीं लगवाना चाहिए। इसपर पीआईबी का कहना है कि 'ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और स्तनपान कराने वाली माताएं कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं।' 
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