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सावधान: आपकी यह एक आदत 10 साल तक कम कर देती है जिंदगी, इन गंभीर बीमारियों का है प्रमुख कारण

Sat, 12 Mar 2022 06:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धूम्रपान घटा सकती है आपकी जीवन अवधि - फोटो : iStock
हमारी जीवनशैली, आहार और आदतों का सीधा असर हमारे सेहत को प्रभावित करता है। जीवनशैली की गड़बड़ी कई तरह के रोगों के जोखिम को बढ़ावा दे सकती है, यही कारण है कि सभी लोगों को इसपर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में करोड़ों लोग लाइफस्टाइल से संबंधित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हैं। कई आदतें तो आपके जीवन अवधि को भी कम कर देती हैं। धूम्रपान ऐसी ही एक बेहद नुकसानदायक आदत मानी जाती है। अध्ययन से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों का जीवनकाल, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में 10 वर्ष कम होती है। 

स्वास्थ्य विशषज्ञ धूम्रपान की आदत को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण मानते हैं। यह ऐसी बीमारियों को जन्म दे सकता है जिन्हें समय से पहले मृत्यु का कारण माना जाता है। कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों के लिए धूम्रपान को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम बस इसी एक आदत से छुटकारा पा लें तो न केवल समय से पहले मृत्यु के जोखिम को कम कर सकते हैं, साथ ही जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में धूम्रपान के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में जानते हैं। 
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धूम्रपान से फेफड़ों को होता है नुकसान - फोटो : Pixabay
फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण
किसी भी अन्य प्रकार के कैंसर की तुलना में फेफड़ों के कैंसर के कारण सबसे अधिक लोगों की मौत होती है। धूम्रपान को फेफड़ों के कैंसर के लिए प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। लगभग 90 फीसदी फेफड़ों के कैंसर के मामलों के लिए धूम्रपान की आदत को ही जिम्मेदार माना जाता है। आंकड़े बताते हैं फेफड़ों के कैंसर का पता चलने के पांच साल बाद पांच में से सिर्फ एक रोगी के जीवित रहने की संभावना होती है। धूम्रपान से दूरी बनाकर इस गंभीर रोग से बचा जा सकता है। 
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फेफड़ों की समस्याओं से करें बचाव - फोटो : iStock
सीओपीडी के हो सकते हैं शिकार
क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) के मामले पिछले एक दशक में काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। इसके लिए भी धूम्रपान को ही प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। सीओपीडी फेफड़ों की अवरोधक बीमारी है जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। यह गंभीर दीर्घकालिक विकलांगता और  मृत्यु का कारण बनती है। सीओपीडी का लगभग 85 से 90 फीसदी मामले सिगरेट पीने के कारण होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में यह रोग मौत का चौथा प्रमुख कारण है।
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धूम्रपान की आदत बन सकती है हृदय रोगों का कारण - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों का बढ़ जाता है जोखिम
धूम्रपान आपके शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है, जिसमें आपका हृदय भी शामिल है। धूम्रपान आपकी धमनियों में रुकावट और संकुचन का कारण बन सकता है, जिसके कारण हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है। यह स्थिति हार्ट अटैक जैसी गंभीर जानलेवा समस्याओं का भी कारण बन सकती है। धूम्रपान की आदत को छोड़कर हृदय रोगों से बचाव किया जा सकता है। 


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स्रोत और संदर्भ
Time for a smoke? One cigarette reduces your life by 11 minutes


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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