कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जो सबसे प्राथमिक जरूरी चीज है, वह है इसकी जांच। वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शुरुआत से ही कोरोना की ज्यादा से ज्यादा जांच को जरूरी बताते आ रहे हैं। जितनी ज्यादा जांच होगी, उतनी जल्दी संक्रमित की पहचान होगी और इलाज शुरू किया जा सकेगा। कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए तेज बुखार यानी शरीर का तापमान बढ़ना शुरुआती लक्षणों में शामिल है। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग शुरुआती प्रक्रिया है। खासकर कोरोना के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यह बहुत ही जरूरी है। मुंबई और पुणे के कंटेनमेंट जोन में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए 'स्मार्ट हेलमेट' की मदद ली जा रही है, जो बहुत मददगार साबित हो रहा है।