फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Coronavirus Test: स्मार्ट हेलमेट के जरिए एक मिनट में 200 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग, कोरोना नियंत्रण में मिलेगी मदद

Thu, 23 Jul 2020 04:29 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
स्मार्ट हेल्मेट से थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : Youtube Grab/Social Media
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जो सबसे प्राथमिक जरूरी चीज है, वह है इसकी जांच। वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शुरुआत से ही कोरोना की ज्यादा से ज्यादा जांच को जरूरी बताते आ रहे हैं। जितनी ज्यादा जांच होगी, उतनी जल्दी संक्रमित की पहचान होगी और इलाज शुरू किया जा सकेगा। कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए तेज बुखार यानी शरीर का तापमान बढ़ना शुरुआती लक्षणों में शामिल है। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग शुरुआती प्रक्रिया है। खासकर कोरोना के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में यह बहुत ही जरूरी है। मुंबई और पुणे के कंटेनमेंट जोन में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए 'स्मार्ट हेलमेट' की मदद ली जा रही है, जो बहुत मददगार साबित हो रहा है। 
विज्ञापन

2 of 6
थर्मल स्क्रीनिंग करता व्यक्ति(File Photo) - फोटो : अमर उजाला
मुंबई और पुणे में कोरोना नियंत्रण में मदद
  • कोरोना के मामलों पर नियंत्रण के लिए मुंबई के कई इलाकों में इस स्मार्ट हेलमेट से थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। पुणे में भी कंटेनमेंट जोन में इसकी मदद ली जा रही है। इससे बड़ी तादाद में लोगों की स्क्रीनिंग करने में काफी कम समय लग रहा है। खबरों के मुताबिक, इसके जरिए एक मिनट में लगभग 200 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सकती है। 
विज्ञापन

3 of 6
स्मार्ट हेल्मेट से थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : Youtube Grab/Social Media
  • मालूम हो कि स्क्रीनिंग के जरिए किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान पता लगाया जाता है, क्योंकि बुखार यानी सामान्य से अधिक तापमान रहना भी कोरोना का एक लक्षण है। हालांकि सर्दी, खांसी, बदन दर्द, मिचली, दस्त वगैरह भी कोरोना के ही लक्षण हैं और बिना लक्षण वाले लोग भी कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। इसके बावजूद बुखार वाले लक्षण से कोरोना संदिग्ध की पहचान मुमकिन है। 

4 of 6
स्मार्ट हेल्मेट से थर्मल स्क्रीनिंग - फोटो : Youtube Grab/Social Media
कैसे काम करता है स्मार्ट हेलमेट
  • थर्मल स्क्रीनिंग के लिए प्रयोग हो रहा यह हेलमेट तकनीकी रूप से स्मार्टवॉच से जुड़ा रहता है और एक साथ कई लोगों को डाटा उपलब्ध करता है। जैसे ही इस हेलमेट में लगे कैमरे की नजर इंसान पर पड़ती है, वह तुरंत उसके शरीर का तापमान स्मार्ट वॉच में दर्ज कर देता है। इसका इस्तेमाल कर रहे कर्मियों की मानें तो यह कुछ सेकंड में ही 15-20 लोगों की स्क्रीनिंग कर सकता है।
विज्ञापन

5 of 6
थर्मल स्कैनिंग(File Photo) - फोटो : पीटीआई
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले
  • मालूम हो कि महाराष्ट्र कोरोना से ज्यादा प्रभावित होने वाले राज्यों में से है। खासकर मुंबई और पुणे में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े। नगरपालिका को भारतीय जैन संघ ने हाल ही में ऐसे चार स्मार्ट हेलमेट डोनेट किए हैं। इसमें दो का मुंबई में और दो का पुणे में इस्तेमाल हो रहा है। मालूम हो कि भारतीय जैन संघ और बीएमसी मिलकर मिशन जीरो चला रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गुरुग्राम के पार्क सेंट्रा में थर्मल स्क्रीनिंग करता सुरक्षा कर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
  • मिशन जीरो का लक्ष्य महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों को जीरो करना है। इस मिशन की शुरुआत जून से हुई थी। स्मार्ट हेलमेट का इस्तेमाल फिलहाल अभी दोनों महानगरों के कंटेनमेंट जोन में किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा मामलों सामने आने में मदद मिल सके। कोरोना के मामले खत्म करने का लक्ष्य हासिल करने में यह मिशन जीरो का हिस्सा है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें