खुश रहना हम सभी की प्राथमिकता होती है, पर क्या आप खुश रह पाते हैं? हम में से ज्यादातर लोगों का जवाब न में ही होगा। बीमारियों, चारों तरफ बढ़ती नकारात्मकता और कई प्रकार की अनिश्चितताओं ने तनाव-चिंता जैसी समस्याओं को बढ़ा दिया है, लिहाजा खुश रह पाना अधिकतर लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इसमें हमारी गड़बड़ दिनचर्या का भी बड़ा योगदान हो सकता है। कई आदतों के कारण भी हमारे लिए खुश रह पाना कठिन हो गया है, नींद की कमी भी उन्हीं में से एक है। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन द्वारा जारी एक अध्ययन के अनुसार, नींद की कमी हमारी मनोदशा और भावनात्मक स्थितियों को प्रभावित करती है, जिसके कारण तनाव-चिंता बढ़ती जा रही है और हम लाख प्रयास के बाद भी आंतरिक खुशी का अनुभव नहीं कर पा रहे हैं।
अगर नींद में सुधार कर लिया जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि अध्ययनों में इस संबंध में क्या पता चलता है?