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Sinusitis: वायरस-बैक्टीरिया के कारण होता है साइनस संक्रमण, क्या एक से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है ये बीमारी?

Mon, 04 Mar 2024 08:47 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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साइनस की समस्या - फोटो : iStock
साइनस की बीमारी लोगों में काफी आम है, पर कुछ स्थितियों में ये जटिल समस्याओं का कारण बन सकती है। साइनस का संक्रमण होने की स्थिति में सांस लेने में दिक्कत से लेकर, दर्द, आंखों और चेहरे के आसपास सूजन जैसी समस्या हो सकती है। गंभीर स्थितियों में ये बीमारी कई प्रकार की अन्य जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। जिन लोगों को साइनस का संक्रमण है उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती है।

साइनस हमारी खोपड़ी में हवा से भरे स्थान होते हैं। ये मुख्य रूप से माथे, नाक की हड्डियों, गालों और आंखों के पीछे स्थित होते हैं। इनमें किसी प्रकार के संक्रमण और सूजन की समस्या को साइनोसाइटिस के नाम से जाना जाता है। जिन लोगों को साइनोसाइटिस की दिक्कत होती है उन्हें बहुत अधिक छींक आने, चेहरे-नाक में तेज दर्द या सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

अध्ययकर्ता बताते हैं, साइनोसाइटिस मुख्यरूप से किसी वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जिसे साइनोसाइटिस की दिक्कत है उससे अन्य लोगों में भी इस रोग के फैलने का खतरा हो सकता है?
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साइनोसाइटिस की स्थिति - फोटो : istock
साइनोसाइटिस और इसके कारण होने वाले जोखिम

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बैक्टीरियल-वायरल संक्रमण या फिर किसी एलर्जी के कारण साइनस में सूजन की दिक्कत हो सकती है। इस स्थिति में सूजन के साथ इनमें तरल पदार्थ भी भर जाते हैं। इससे आपके चेहरे पर दबाव और दर्द, नाक बंद होने और अन्य लक्षणों का खतरा हो सकता है। 

साइनोसाइटिस की स्थिति में नाक से गाढ़ा पीला बलगम आने, नाक बहने की दिक्कत देखी जाती रही है। बंद नाक की समस्या के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। क्या साइनस का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है? आइए जानते हैं।
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सर्दी जुकाम की समस्या - फोटो : Istock
 वायरल संक्रमण से साइनोसाइटिस

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, साइनस संक्रामक होता है या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करता है कि साइनोसाइटिस का कारण क्या है?

अधिकांश मामलों में साइनस का संक्रमण वायरस के कारण होता है। डॉक्टर कहते हैं, जिन लोगों को वायरल साइनोसाइटिस है उनसे इस रोग का कारण बनने वाले वायरस के फैलने का खतरा तो हो सकता है पर संक्रमण के प्रसार का जोखिम नहीं होता है। अधिकांश मामलों में इस प्रकार के वायरस के कारण सर्दी-जुकाम हो सकता है, पर जरूरी नहीं है कि इससे साइनस का संक्रमण हो ही।

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साइनस में होने वाली समस्या - फोटो : istock
साइनस का बैक्टीरियल संक्रमण

कभी-कभी जब साइनस में बलगम भर जाता और बैक्टीरिया पनप जाते हैं, इसके कारण भी संक्रमण होता है। यदि आपमें साइनस का संक्रमण 10-14 दिनों से अधिक समय तक बना रहता है तो आपको बैक्टीरियल साइनसाइटिस होने की अधिक आशंका होती है। बैक्टीरिया संक्रमण के प्रसार का खतरा कम होता है। साइनस की समस्या में इसके कारकों का प्रसार देखा जाता रहा है पर ये अन्य लोगों में संक्रमण का कारण बनेगा ये जरूरी नहीं है।
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साइनस का संक्रमण और प्रसार - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के विशषज्ञ डॉ नवनीत प्रधान बताते हैं, साइनस को आमतौर पर संक्रामक रोग नहीं माना जाता है। हालांकि यदि आप वायरल साइनस संक्रमण के शिकार हैं, इस वायरस का प्रसार एक से दूसरे व्यक्ति में होने का खतरा हो सकता है, पर इससे दूसरों को साइनोसाइटिस हो ये जरूरी नहीं है। 

साइनस के शिकार लोगों को समय रहते लक्षणों की पहचान करना और इसका उपचार किया जाना आवश्यक हो जाता है। साइनस का उपचार समय पर न होने से क्वालिटी ऑफ लाइफ भी प्रभावित हो सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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