फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इनफर्टिलिटी: शरीर में दिखने वाले ये बदलाव हो सकते हैं लो फर्टिलिटी का संकेत, आपमें भी तो नहीं हैं ऐसे लक्षण?

Sat, 19 Sep 2026 06:54 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इनफर्टिलिटी की समस्या कई संकेत देती है जिसे अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं। महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और ओव्यूलेशन की गड़बड़ी, जबकि पुरुषों में शुक्राणुओं से जुड़ी समस्या गर्भधारण में बाधा बन सकती है।
विज्ञापन
1 of 4
इनफर्टिलिटी की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
इनफर्टिलिटी यानी गर्भधारण न कर पाने की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट कहती है कि दुनियाभर में हर 6 में से 1 व्यक्ति इससे परेशान है। भारत में भी ये चिंता लगातार देखी जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि  भारत में अभी लगभग 2.75 करोड़ कपल्स बांझपन की समस्या का सामना कर रहे हैं। बच्चे पैदा करने की उम्र वाले कपल्स में इसकी कुल दर 8% से 16.8% के बीच होने का अनुमान है। 

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिस तरह से लोगों की दिनचर्या और खान-पान में गड़बड़ी के साथ शराब-धूम्रपान और व्यायाम न करने की आदत बढ़ती जा रही है इसने इनफर्टिलिटी के जोखिमों को और भी बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई बार कुछ बीमारियों के कारण भी प्रजनन स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, चूंकि ज्यादातर लोग समय पर जांच नहीं कराते हैं इसलिए इसका पता नहीं चल पाता और समस्या बढ़ती जाती है।

ऐसे में सवाल है कि क्या कोई ऐसे संकेत हैं जिनकी मदद से ये जाना जा सके कि कहीं आपको गर्भधारण की समस्या तो नहीं है?
विज्ञापन

2 of 4
पीएमओएस की दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
शरीर पहले से देता है  इनफर्टिलिटी का संकेत

बच्चा प्लान करने के बाद जब कई महीनों तक प्रेग्नेंसी नहीं ठहरती, तो ज्यादातर लोगों का ध्यान गर्भधारण की क्षमता पर जाता है। डॉक्टर कहते हैं, इनफर्टिलिटी की समस्या हमेशा अचानक सामने नहीं आती। कई बार शरीर पहले से ही कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
 
  • महिलाओं में पीरियड्स का बार-बार अनियमित होना, कई महीनों तक पीरियड्स न आना या बहुत ज्यादा अंतर होना इस बात का संकेत हो सकता है कि हर महीने अंडा बनने और निकलने की प्रक्रिया यानी ओव्यूलेशन ठीक तरह से नहीं हो रही। 
  • वहीं पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या या उनकी गति कम होना भी गर्भधारण में परेशानी का कारण बन सकता है। 
  • अध्ययनों से स्पष्ट हो चुका है कि फर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिलाओं से जुड़ी नहीं होती। आधे मामलों में पुरुष भी इसका कारण हो सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 4
पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम - फोटो : Freepik.com
महिलाएं किन संकेतों को लें गंभीरता से?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई लोगों में पॉलीएंडोक्राइन मेटाबॉलिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीएमओएस), थायरॉयड की समस्या, वजन में बहुत ज्यादा बदलाव, एंडोमेट्रियोसिस, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट और पुरुषों में शुक्राणु से जुड़ी समस्याएं भी इनफर्टिलिटी का कारण हो सकती हैं। इसलिए शरीर के संकेतों को समझना जरूरी है। 
 
  • अगर पीरियड्स लगातार अनियमित हैं, बहुत लंबे अंतर पर आते हैं तो इसे सिर्फ सामान्य हार्मोनल बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 
  • इसका संबंध ओव्यूलेशन में गड़बड़ी से हो सकता है। ओव्यूलेशन का मतलब है अंडाशय से अंडे का बाहर निकलना। 
  • अगर यह प्रक्रिया नियमित नहीं है तो गर्भधारण की संभावना प्रभावित हो सकती है। 
  • अमेरिकन सोसायटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन के अनुसार, पीरियड्स अनियमित होने पर फर्टिलिटी की जांच पहले भी शुरू की जानी चाहिए।
विज्ञापन

4 of 4
इनफर्टिलिटी की समस्या - फोटो : Adobe stock
पुरुषों में कौन से लक्षण दिखते हैं?

इनफर्टिलिटी की समस्या के लिए पुरुषों को भी जिम्मेदार माना जाता रहा है। पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या, उनकी गति या गुणवत्ता में कमी गर्भधारण में परेशानी पैदा कर सकती है। 
 
  • कई बार इसका कोई साफ लक्षण दिखाई भी नहीं देता। कुछ लोगों में यौन समस्या, अंडकोष से जुड़ी परेशानी या हार्मोन से संबंधित बदलाव के संकेत दिख सकते हैं।
  • इसके लिए सीमन एनालिसिस यानी वीर्य की जांच की जाती है। 
  • फर्टिलिटी टेस्ट में महिला और पुरुष दोनों की जांच जरूरी हो सकती है। 
  • अगर एक साल तक नियमित और बिना गर्भनिरोधक संबंध के बावजूद गर्भधारण नहीं हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह पर जांच कराना जरूरी है।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

डॉक्टर कहते हैं, समय रहते इनफर्टिलिटी के कारणों को समझना और इसका उपचार कराना जरूरी है। अगर गर्भधारण में देरी के साथ पीरियड्स लगातार अनियमित हैं, पहले से एंडोमेट्रियोसिस या गर्भाशय-फैलोपियन ट्यूब की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। बार-बार गर्भपात हो रहा है या पुरुष साथी में शुक्राणु से जुड़ी समस्या का संदेह है, तो भी डॉक्टर से जल्दी मिलना चाहिए। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें