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अलर्ट: क्या समय से पहले बुढ़ापे की ओर बढ़ रही है युवा आबादी? कहीं इसी वजह से तो नहीं बढ़ रहा कैंसर का खतरा

Sat, 19 Sep 2026 05:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कम उम्र में कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच वैज्ञानिकों ने जैविक उम्र बढ़ने और कैंसर के खतरे के बीच संबंधों का अध्ययन किया। 1.54 लाख से ज्यादा ब्रिटिश और 10 हजार से अधिक अमेरिकी लोगों के आंकड़ों में तेजी से बढ़ती जैविक उम्र 55 साल से पहले कैंसर के जोखिमों को बढ़ाने वाली पाई गई है।
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कैंसर का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
उम्र बढ़ने का मतलब अक्सर हम सभी चेहरे पर झुर्रियां दिखने या बाल सफेद होने को मान लेते हैं, पर इसका असली मतलब शरीर के भीतर हर दिन हो रहे बदलावों से है। एक समय के बाद शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत की क्षमता धीरे-धीरे घटने लगती है और अलग-अलग अंगों पर उम्र का असर पड़ने लगता है। यही वजह है कि एक ही उम्र के दो लोगों का शरीर अंदर से एक जैसा नहीं होता। कोई अपनी उम्र से ज्यादा फिट दिख सकता है, तो किसी के शरीर पर उम्र का असर अपेक्षाकृत जल्दी दिखाई देने लगता है।

यहीं से ‘जैविक उम्र’ की बात सामने आती है। आसान भाषा में समझें तो जैविक उम्र का मतलब शरीर अंदर से किस रफ्तार से बूढ़ा हो रहा है। यह जन्म की तारीख से तय होने वाली उम्र से अलग होती है। वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि शरीर के तेजी से बूढ़ा होने का असर आगे चलकर किन बीमारियों के खतरे के रूप में सामने आ सकता है?

कैंसर के मामले में यह सवाल और भी महत्वपूर्ण है। कैंसर तब होता है जब शरीर की कुछ कोशिकाओं में ऐसे बदलाव हो जाते हैं, जिनसे उनका बढ़ना और विभाजन सामान्य नियंत्रण से बाहर हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ ऐसे बदलावों की आशंका भी बढ़ जाती है। लेकिन अगर शरीर में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया ही अपेक्षाकृत तेज हो, तो क्या इसका संबंध कम उम्र में कैंसर होने के खतरे से भी हो सकता है?
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कैंसर के खतरों को लेकर अध्ययन - फोटो : Adobe Stock Images
जैविक उम्र बढ़ने और कैंसर का लिंक

कैंसर को आमतौर पर बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन अब कम उम्र में इसके बढ़ते मामलों ने वैज्ञानिकों के सामने नई चिंता खड़ी कर दी है।

शोधकर्ताओं को ऐसे संकेत मिले हैं कि आज की युवा पीढ़ी का शरीर अपनी वास्तविक उम्र की तुलना में जैविक रूप से तेजी से बूढ़ा हो रहा है। जिन लोगों में जैविक उम्र बढ़ने की रफ्तार अधिक पाई गई, उनमें 55 वर्ष से पहले होने वाले कैंसर का खतरा भी अधिक देखा गया। 
 
  • अमेरिकी शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक में शामिल 1.54 लाख से अधिक लोगों और अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ के ऑल ऑफ अस कार्यक्रम के 10 हजार से अधिक लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया।
  • शोध में अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों की जैविक उम्र की तुलना की गई और फिर इसे कम उम्र में होने वाले कैंसर के मामलों से जोड़ा गया।
  • शोध में ब्रिटेन में 1965 से 1974 के बीच जन्मे लोगों में 1950 से 1954 के बीच जन्मे लोगों की तुलना में जैविक उम्र बढ़ने के अधिक संकेत मिले।
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कैंसर के बढ़ते खतरों को लेकर अलर्ट - फोटो : Freepik.com
तेजी से बढ़ती जैविक उम्र और कैंसर का संबंध

शोधकर्ताओं ने देखा कि जैविक उम्र बढ़ने का संबंध कम उम्र में कैंसर से किस तरह जुड़ता है। जिन लोगों में शरीर के तेजी से बूढ़ा होने के संकेत अधिक थे, उनमें 55 वर्ष से पहले होने वाले कैंसर का खतरा करीब 8% अधिक पाया गया।
 
  • सबसे अधिक जैविक उम्र वाले लोगों में यह खतरा सबसे कम जैविक उम्र वाले समूह की तुलना में करीब 15% अधिक था।



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स्रोत:
Biological aging and generational shifts in early-onset cancer risk


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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