फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shardiya Navratri 2024: उपवास में "मोटा अनाज" खाने के फायदे, आहार विशेषज्ञ ने बताया कैसे करें सेवन

सार

मिलेट्स यानी मोटा अनाज सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। कंसल्टिंग होम्योपैथ और पोषण विशेषज्ञ डॉ. दीपाली अठावले ने उपवास के दौरान मिलेट्स को फलाहारी आहार में शामिल करने के तरीके और फायदों के बारे में बताया है।
विज्ञापन
1 of 5
मिलेट्स - फोटो : Adobe
Shardiya Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि के दौरान लोग उपवास करते हैं। उपवास की अवधि दो दिनों की हो सकती है तो कुछ जगहों पर पूरे नौ दिन का उपवास भी रखा जाता है। बिना अनाज का सेवन किए नौ दिन तक फलाहार करके व्रत करना आसान नहीं होता। भूखे रहने के कई स्वास्थ्य नुकसान हो सकते हैं तो वहीं उपवास में सही तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन न करना भी शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

बुजुर्गों और महिलाओं के लिए तो उपवास के दौरान कुछ विशेष सावधानी बरतना अधिक आवश्यक हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को व्रत रखने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह ले लेनी चाहिए और उपवास के दौरान डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

मिलेट्स यानी मोटा अनाज सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। कुछ मिलेट्स का सेवन उपवास के दौरान किया जा सकता है। कंसल्टिंग होम्योपैथ और पोषण विशेषज्ञ डॉ. दीपाली अठावले ने उपवास के दौरान मिलेट्स को फलाहारी आहार में शामिल करने के तरीके और फायदों के बारे में बताया है।इस लेख में विशेषज्ञ से जानते हैं कि व्रत में मिलेट्स को कैसे अपने डाइट का हिस्सा बना सकते हैं और इसके क्या स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
मिलेट्स - फोटो : Adobe
उपवास में कौन-कौन से मिलेट्स का सेवन होता है फायदेमंद

स्वास्थ्य एवं आहार विशेषज्ञ डॉ. दीपाली अठावले के मुताबिक, नवरात्रि के उपवास के दौरान मिलेट्स का सेवन स्वास्थ्यवर्धक हो सकता है। व्रत में राजगिरा, कुट्टू और लिटिल मिलेट्स यानी बरी का सेवन किया जा सकता है। सिंघाड़ा भी उपवास में खाया जा सकता है।

मिलेट्स में मौजूद पोषक तत्वों 

अलग-अलग मिलेट्स का सेवन अगर उपवास में सही तरीके से किया जाए तो शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। मिलेट्स व्रत के लिए एक अच्छा फलाहारी खाद्य भी है और इसका स्वास्थ्य लाभ भी काफी मिलता है। 

मिलेट्स में पोटैशियम की मात्रा भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ने नहीं देता। इसमें मैग्नीशियम पाया जाता है जो नर्व्स को रिलैक्स रखते हैं। मिलेट्स उपवास के दौरान दिमाग को शांत रखने के लिए अच्छा स्रोत हो सकता है। इसमें आयरन ज्यादा होता है, जिसकी वजह से थकावट महसूस नहीं होती है।

खानपान में गड़बड़ी के कारण कब्ज की शिकायत होना आम बात है। मिलेट्स में फाइबर के गुण पाए जाते हैं जो कि कब्ज की समस्याएं को दूर करते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
पानी पीना - फोटो : istock
शरीर में पानी की पूर्ति में असरदार

मिलेट्स में सूखापन होता है। ऐसे में मिलिट्स का सेवन करने वालों को पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए। मिलेट्स के साथ पर्याप्त पानी पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है। उपवास के दौरान थकावट का एक कारण शरीर में पानी की कमी है ,जिसे मिलेट्स और पानी पीकर ठीक कर सकते हैं।

4 of 5
कु्ट्टू का डोसा - फोटो : Adobe
मिलेट्स से बनाएं उपवास की फलाहारी रेसिपीज

डाॅ. अठावले बताती हैं कि उपवास के दौरान मिलेट्स से फलाहारी डोसा बनाया जा सकता है। राजगिरा के लड्डू काफी लजीज बनते हैं जो स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा सिंघाड़े के आटे का लड्डू या पेड़ा जिसे गुड़ मिलाकर बनाया जाता है, का सेवन व्रत में कर सकते हैं। राजगीरा के खाखरा भी काफी लोकप्रिय स्वादिष्ट पकवानों में शामिल है।

चाय के साथ स्नैक्स खाने की आदत है तो मिलेट्स के बिस्कुट बनाकर खा सकते हैं। लिटिल मिलिट्स की खिचड़ी, दलिया बना सकते हैं। उपवास के नौ दिन मिलेट्स से अलग अलग लजीज फलाहारी व्यंजन बनाकर स्वस्थ आहार का सेवन कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रागी के लड्डू - फोटो : Adobe
वजन नियंत्रित रखने में असरदार मिलेट्स

भारत में उपवास के दौरान आलू या साबूदाने का सेवन अधिक किया जाने लगता है। लोग घी का भी काफी सेवन करने लगते हैं। इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ सकता है। लेकिन मिलेट्स लो कैलोरी होते हैं। इसकी खिचड़ी बनाने में थोड़े से घी का उपयोग होता है। मिलेट्स के सेवन से लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है, इसलिए वजन बढ़ने की शिकायत से बचा जा सकता है।

विशेषज्ञ के मुताबिक, डायबिटीज के मरीज, दवाओं का सेवन कर रहे लोग या गर्भवती को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक और एक स्वस्थ डाइट प्लान के अनुसार ही व्रत रखना चाहिए। 

-------------

नोट: लेख ठाणे, महाराष्ट्र की कंसल्टिंग होम्योपैथ और पोषण विशेषज्ञ डॉ. दीपाली अठावले से हुई खास बातचीत से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 
 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें