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Shardiya Navratri 2022: डांडिया करने जा रहे हैं तो पैरों का रखें खास ख्याल, जरूर करें ये काम

Mon, 26 Sep 2022 08:25 AM IST
स्वाति शैवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक अच्छी एक्सरसाइज है गरबा - फोटो : social media
डांडिया या गरबा नवरात्रि का एक खूबसूरत और पारंपरिक हिस्सा है। नौ दिनों तक माँ की आराधना के साथ चलने वाले नृत्य के इस विशेष आयोजन से पूरा माहौल ऊर्जा और उल्लास से भर जाता है। यूं गुजरात में तो हर घर में, हर उम्र और वर्ग का व्यक्ति डांडिया की धुन पर थिरकता है लेकिन देश के लगभग हर हिस्से में गरबों का आयोजन इसी धूमधाम के साथ किया जाता है। नृत्य व संगीत की यह आकर्षक और सुरीली परम्परा सबको एक सूत्र में बांध देती है। 

गरबे या डांडिए में जितनी महत्वपूर्ण भूमिका हाथों की ताली या डांडिए के संचालन की होती है उतना ही महत्वपूर्ण होता है फुट वर्क। पैरों का सही तरीके से चलना डांडिए को और भी खूबसूरत बनाता है। नौ दिनों के इस उल्लास भरे आयोजन के पहले इसलिए ही विशेषकर रिहर्सल क्लासेस संचालित की जाती हैं। ताकि वे लोग भी गरबे करना सीख सकें जिन्होंने अब तक इसे नहीं किया है। यह एक बहुत अच्छी एक्सरसाइज भी है। अक्सर लोग उत्साह और जोश में गरबे करना तो शुरू कर देते हैं लेकिन इसके लिए खास मेहनत करने वाले पैरों की सेहत को नजरअंदाज करने लगते हैं। ऐसे में दर्द, सूजन या कई मामलों में फ्रेक्चर जैसी स्थितियां जन्म ले सकती हैं। यही नहीं थकान इतनी होती है कि गरबों का आनंद, निराशा और तकलीफ में बदल जाता है। इसलिए जरूरी है कि कुछ बातों का ध्यान रखा जाये।  
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पंजों तक हाथों को ले जाने वाली एक्सरसाइज - फोटो : Pixabay
इन बातों का ध्यान जरूर रखें 

स्ट्रेचिंग पूरे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। पैरों के लिए भी इसका लाभ लें। यदि आप पहले से किसी विशेषज्ञ से इसे सीख रहे हैं या सीख चुके हैं तो आपको इन्हें करने का सही तरीका मालूम होगा। अन्यथा किसी से सीख कर इनको अपनाएं। इन 4 स्ट्रेचिंग को आप प्रयोग में ला सकते हैं-

1. डाउनवर्ड फेसिंग डॉग- यह पैरों के साथ साथ पूरे शरीर को स्ट्रेच करने में मदद करेगा। योगक्रिया में भी पैरों को मजबूत बनाने के लिए इस तरह की क्रिया का उपयोग होता है। 

2. बैठकर पंजों को हाथों से छूना- यह एक बहुत ही सामान्य और बेसिक स्ट्रेचिंग है लेकिन जरूरी नहीं कि इसमें सबके हाथ पंजों तक पहुंचें ही। कुछ लोग घुटनों से थोड़ा आगे ही हाथ ले जा पाते हैं, तो कुछ लोग पंजों को अच्छी तरह पकड़ कर पूरे शरीर को मोड़ लेते हैं। आप उतना ही करें जितना आपका शरीर इजाजत दे। जबरदस्ती शरीर पर दबाव न डालें। 
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हर तरह की स्ट्रेचिंग है मददगार - फोटो : Instagram
3. कुर्सी पोज- यह भी अक्सर योगक्रिया के दौरान सिखाया जाता है। दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाकर, पैरों को मोड़कर कुर्सी की स्थिति में धीरे धीरे बैठना, कुछ देर उसी स्थिति में रुकना और फिर धीरे धीरे खड़े होना। 

4. वॉरियर पोज- इस पोज में एक पैर को आगे बढ़ाकर, घुटने से हल्का सा मोड़ते हुए, दोनों हाथों को जोड़कर धीरे धीरे ऊपर ले जाना है। हाथों को फैलाते हुए अगल-बगल भी ले जा सकते हैं और फिर वापस धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आना है। 

फायदे- उपरोक्त स्ट्रेचिंग पैरों को मजबूती देने के साथ ही मांसपेशियों को लचीला भी बनाने में भी मदद करेंगी। इससे आप डांडिया का हर स्टेप आसानी से कर सकेंगे और बिना थकान नृत्य को एन्जॉय कर सकेंगे। ये स्ट्रेचिंग कूल्हों, जाँघों, काफ मसल्स (पैरों के पीछे की ओर मौजूद मांसपेशियां) और शिंस (पैर के निचले हिस्से में सामने की ओर स्थित), टखनों, तक सभी हिस्सों को फायदा पहुंचाती हैं और इससे दर्द, थकान को भी दूर करने में मदद मिल सकती है। 

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वॉक से भी मिलता है फायदा - फोटो : istock
ये भी जरूर करें-

स्ट्रेचिंग के अलावा आप रोज ब्रिस्क वॉक, इनडोर या आउटडोर साइकिलिंग, रस्सी कूदने जैसे तरीकों से भी पैरों की मांसपेशियों को लचीला और मजबूत बनाये रख सकते हैं। ध्यान सिर्फ इतना रखना है कि कोई भी एक्सरसाइज ओवर न हो। ताकि शरीर पर दबाव न पड़े। चूँकि इस समय आप पहले से गरबे जैसी एक्सरसाइज कर रहे होते हैं, ऐसे में ज्यादा दबाव शरीर के लिए मुश्किल भी खड़ी कर सकता है। 

एक्सरसाइज या स्ट्रेचिंग के दौरान हमेशा ब्रेक या पॉज जरूर लें। दिनभर आपके पैरों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए उन्हें भी आराम जरूरत होती है। दिनभर में कुछ समय पैरों को पूरा आराम दें और बिस्तर, सोफे आदि पर इन्हें एक सीध में लम्बा फैलाकर बैठें या लेटें। इससे रक्त संचार को सुचारू होने में मदद मिलेगी और थकी हुई मांसपेशियों को मदद मिलेगी। 
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मसाज से भी मिलेगी राहत - फोटो : सोशल मीडिया
साधनों की मदद लें 

यदि आप वेरिकोज वेन्स, डायबिटीज, हड्डियों की किसी समस्या आदि से जूझ रहे हैं तो उनके लिए डॉक्टर द्वारा सुझाये गए साधन जैसे कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स या लेगिंग्स, सिलिकॉन सोल्स आदि का उपयोग जरूर करें। ज्यादातर जगह गरबे बिना फुटवेयर के किये जाते हैं और यह कुछ विशेष स्थितियों (डायबिटीज, वेरिकोज वेन्स आदि) में मुश्किल पैदा कर सकता है। ऐसे में आप पैरों में सिम्पल सिलिकॉन सोल पहन सकते हैं जो कि शूज के शेप में भी मिलते हैं और इनसे पैरों को कुशन मिलता रहता है। ये फुटवेयर नहीं होते बस एक लाइनिंग की तरह होते हैं। गरबे के बीच बीच में ब्रेक मिलने पर इन्हें थोड़ी देर के लिए निकाल दें ताकि पैरों को सांस लेने का मौका मिल सके।

इसी तरह फोम रोलर का भी उपयोग किया जा सकता है। ये कड़क मांसपेशियों को ढीला करने में मददगार हो सकते हैं। घर आते ही सबसे पहले अच्छे से पैरों को धोएं और साफ़ करें ताकि किसी भी तरह के जर्म्स या गंदगी संक्रमण न पैदा कर सके। दिनभर में कभी भी समय मिलने पर गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर उसमें पैर डालकर भी बैठें। इससे भी पैरों को आराम मिलेगा और अगर थोड़ी सी सूजन है तो वह भी कम हो जाएगी। 
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कैलोरी बर्न करने में मददगार डांडिया - फोटो : social media
सलाह लेकर ही करें गरबे अगर 

- आप आर्थराइटिस या इसके जैसी किसी समस्या से ग्रसित हैं 
- डायबिटीज असंतुलित है और घाव होने पर ठीक होने में बहुत समय लेता है 
- पैरों में पहले से सूजन या दर्द है तो 
- आपका वजन बहुत अधिक है तो 
- आपको नर्व संबंधी कोई समस्या है तो 
- बैलेंस बनाने में कोई दिक्कत है 
- वर्टिगो जैसी कोई समस्या है तो 
इन सबके अलावा पूरे समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, भरपूर नींद लेने, सही और पोषण डाइट लेने का भी ध्यान रखें। इन सबके साथ आप पूरी ऊर्जा से गरबों का आनंद भी ले सकेंगे और त्यौहार का उल्लास भी बरकरार रहेगा।  
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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