हर तरह की स्ट्रेचिंग है मददगार
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3. कुर्सी पोज- यह भी अक्सर योगक्रिया के दौरान सिखाया जाता है। दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाकर, पैरों को मोड़कर कुर्सी की स्थिति में धीरे धीरे बैठना, कुछ देर उसी स्थिति में रुकना और फिर धीरे धीरे खड़े होना।
4. वॉरियर पोज- इस पोज में एक पैर को आगे बढ़ाकर, घुटने से हल्का सा मोड़ते हुए, दोनों हाथों को जोड़कर धीरे धीरे ऊपर ले जाना है। हाथों को फैलाते हुए अगल-बगल भी ले जा सकते हैं और फिर वापस धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आना है।
फायदे- उपरोक्त स्ट्रेचिंग पैरों को मजबूती देने के साथ ही मांसपेशियों को लचीला भी बनाने में भी मदद करेंगी। इससे आप डांडिया का हर स्टेप आसानी से कर सकेंगे और बिना थकान नृत्य को एन्जॉय कर सकेंगे। ये स्ट्रेचिंग कूल्हों, जाँघों, काफ मसल्स (पैरों के पीछे की ओर मौजूद मांसपेशियां) और शिंस (पैर के निचले हिस्से में सामने की ओर स्थित), टखनों, तक सभी हिस्सों को फायदा पहुंचाती हैं और इससे दर्द, थकान को भी दूर करने में मदद मिल सकती है।