दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के दोबारा से बढ़ते मामले और तीसरी लहर को लेकर आशंका, लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। कई अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकती है, इसका मुख्य कारण उन्हें अब तक वैक्सीन न मिल पाना है। इन सभी डर और आशंकाओं के बीच एक अध्ययन में बच्चों को लेकर राहत भरे दावे किए गए हैं। द लैंसेट चाइल्ड एंड अडोलेसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित
अध्ययन के अनुसार बच्चों पर कोरोना संक्रमण का ज्यादा असर नहीं हो रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि बच्चे संक्रमित भी हो जाते हैं तो ज्यादातर में छह दिनों के भीतर ही लक्षण कम हो जा रहे हैं।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परेशान माता-पिता के लिए यह अध्ययन काफी सुकून देने वाला है। अध्ययन के निष्कर्ष में वैज्ञानिकों का कहना है कि सुरक्षात्मक उपायों को प्रयोग में लाकर बच्चों को कोरोना से सुरक्षित किया जा सकता है, वहीं जो बच्चे संक्रमण की चपेट में आ भी जा रहे हैं, उनको लेकर ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मामले बेहद कम देखे गए हैं जिनमें बच्चों में संक्रमण चार सप्ताह के बाद भी बना रहता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।