देश में जारी ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण ने तीसरी लहर की आशंकाओं को तेज कर दिया है। कोरोना के इस नए वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तमाम राज्यों में एक बार फिर से आवश्यक प्रतिबंध लगने शुरू हो गए हैं। कोरोना से बचाव के मद्देनजर एक बार फिर से वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास शुरू हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को बाहर निकलने से बचना चाहिए। इस दिशा में वर्क फ्रॉम होम एक अच्छा विकल्प माना जाता रहा है, हालांकि इससे संबंधित कुछ खतरों को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले दो साल से ज्यादातर लोग घर से ही काम और पढ़ाई कर रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इसके चलते लोगों में शारीरिक निष्क्रियता, अस्वास्थ्यकर आहार के सेवन, मेटाबॉलिज्म संबंधी विकार और मोटापे का खतरा बढ़ गया है। एक अध्ययन से पता चला है कि कैसे लॉकडाउन संबंधी यह आदतें स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकती हैं? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।