Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
डॉ. राजन गांधी
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
माता- पिता की सेहत से बच्चे की सेहत का जुड़ा होना लाजमी है। आप सोचेंगे कि जेनेटिक्स भी तो आखिर कोई चीज है। लेकिन जरा रुकिए, यह जेनेटिक्स से आगे का मसला है। क्या कभी आपने सोचा है कि आपकी कोई आदत आपके बच्चे को किस तरह से प्रभावित कर सकती है? खासकर अगर वह आदत बुरी हो तो। यहां बात अच्छा-बुरा सीखने से भी आगे की है। मतलब आपकी आदत आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकती है। एक शोध में यह बात सामने आई है कि सेकंड हैंड स्मोकिंग, जिसे पैसिव स्मोकिंग भी कहा जाता है, यह आपके बच्चे के जोड़ों के लिए खतरा बन सकता है। शोध में पाया गया कि वे बच्चे (खासकर लड़कियां) जिनके माता-पिता उनके आस-पास सिगरेट पीया करते थे, वयस्क होने पर उनमें रयूमेटॉइड आर्थराइटिस होने की आशंका 75 प्रतिशत तक बढ़ गई। यानी धूम्रपान केवल आपके लिए नहीं, आपके बच्चों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। जानिए क्या है सेकंड हैंड स्मोकिंग और यह बच्चों पर क्या प्रभाव डालती है?