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कोरोना से जंग में बड़ी कामयाबी, वैज्ञानिकों का दावा- वायरस को हवा में मार गिराएगा यह ‘एयर फिल्टर’

Wed, 08 Jul 2020 04:58 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस को हवा में मारने के लिए वैज्ञानिकों ने एयर फिल्टर बनाया है (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के बारे में शुरुआत से यही बात कही जा रही थी कि यह किसी संक्रमित व्यक्ति के बोलने, खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स से फैलता है। लेकिन पिछले दिनों दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने हवा में भी इसका संक्रमण फैलने की बात कही और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अब कह दिया कि कोरोना संक्रमण हवा में भी फैल सकता है। इस स्थिति में कोरोना वायरस से निपटना एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस बीच वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एयर फिल्टर बनाने का दावा किया है जो हवा में कोरोना वायरस को पकड़ कर तत्काल खत्म कर देता है। वैज्ञानिकों ने प्रयोग के दौरान पाया कि यह एयर फिल्टर कोरोना वायरस को 99.8 फीसदी तक सफाया कर देता है।
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Coronavirus Killing Air Filter - फोटो : Graph: University of Houston
  • वैज्ञानिकों के इस अविष्कार से बंद स्थानों मसलन स्कूलों, अस्पतालों के अलावा विमानों में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। जर्नल ‘मैटरियल्स टूडे फिजिक्स’ में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक इस ‘एयर फिल्टर’ ने अपने से गुजरने वाली हवा में एक बार में 99.8 फीसदी नोवल कोरोना वायरस को समाप्त कर दिया।
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Coronavirus - फोटो : Pixabay
  • इस अध्ययन में कहा गया कि इस उपकरण को व्यावसायिक रूप से उपलब्ध निकेल फोम को 200 डिग्री सेल्सियस तक गर्म कर बनाया गया। इसने घातक जीवाणु बैसिलस एन्थ्रेसिस के 99.9 प्रतिशत बीजाणु को नष्ट कर दिया। बैसिलस एन्थ्रेसिस से एन्थ्रेक्स बीमारी होती है।

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Coronavirus - फोटो : Pexels
  • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन (यूएच) के अध्ययन में शामिल झिफेंग रेन ने कहा कि यह फिल्टर एयरपोर्ट, फ्लाइट, कार्यालय भवनों, स्कूलों, संस्थानों, क्रूज जहाजों आदि सार्वजनिक जगहों में कोरोना महामारी को फैलने से रोकने में उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि  वायरस को फैलने से रोकने में मदद करने की इसकी क्षमता समाज के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • वैज्ञानिकों के अनुसार चूंकि यह वायरस हवा में लगभग तीन घंटे तक रह सकता है तो एक ऐसा फिल्टर बनाने की योजना थी, जो इसे जल्द समाप्त कर दे। दुनियाभर में दोबारा कामकाज शुरू होने के कारण वैज्ञानिकों का मानना है कि बंद स्थानों में कोरोना वायरस को नियंत्रित करना जरूरी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • झिफेंग रेन ने कहा है कि निकेल फोम कई अहम जरूरतों को पूरा करता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह एयर फिल्टर छिद्रयुक्त है, जिससे हवा का प्रवाह होता रहता है और विद्युत सुचालक भी है, जिसने इसे गर्म होने दिया। यह एयर फिल्टर लचीला भी है। शोधकर्ताओं ने चरणबद्ध तरीके से इस उपकरण को उपलब्ध कराने की बात कही है। 
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Coronavirus - फोटो : Pixabay
  • मालूम हो कि 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों के दावे की समीक्षा के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मान लिया है कि कोरोना वायरस का संक्रमण हवा में भी फैल रहा है। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 की तकनीकी टीम का नेतृत्व कर रही मारिया वैन का कहना है कि कोरोना वायरस के हवा के जरिए संक्रमण फैलने को लेकर बातचीत और समीक्षा जारी है। हालांकि इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने वायरस को लेकर बयान दिया था कि यह वायरस किसी के छींकने या खांसने पर ड्रॉपलेट्स के जरिए फैलता है। 

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Coronavirus infection - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • क्लिनिकल इंफेक्सियस डिसीज जर्नल में प्रकाशित एक आलेख में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि कोरोना वायरस के अणु हवा में तैरते हैं और इंसान के सांस लेने पर वो उसके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि इस बात का सबूत भी है और ऐसे कई मामले देखे गए हैं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
  • वैज्ञानिकों का कहना था कि वायरस के ये अणु लंबे समय तक हवा में मौजूद रहते हैं, इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को अपने दिशानिर्देश में बदलाव करने की जरूरत है। कोलोरोडा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जोस जिमेनज ने कहा कि हम चाहते हैं कि संगठन इन सबूतों को स्वीकार करे।

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मास्क पहनना जरूरी है - फोटो : अमर उजाला
  • डब्ल्यूएचओ में 'संक्रमण से बचाव और नियंत्रण' का नेतृत्व कर रही बेनडेटा एलीग्रांजी ने भी माना है कि कोरोना संक्रमण के हवा में फैलने के सबूत हैं लेकिन उनका कहना है कि ये निर्णायक नहीं है। उन्होंने कहा है कि सार्वजनिक जगहों पर हवा में संक्रमण फैलने की संभावना है, लेकिन उनका न तो वर्णन किया जा सकता है, न ही उन्हें खारिज नहीं किया जा सकता।

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मास्क पहनना जरूरी है - फोटो : PTI
  • डब्ल्यूएचओ की मारिया वैन का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन आने वाले दिनों में जल्द ही वायरस संक्रमण को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए केवल शारीरिक दूरी ही काफी नहीं होगी, बल्कि निश्चित जगहों के लिए मास्क पहनना और भी जरूरी हो जाएगा।
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Coronavirus Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
  • फिलहाल, वैज्ञानिकों ने जिस 'एयर फिल्टर' का आविष्कार किया है, अगर वह उनके दावे के मुताबिक कोरोना वायरस को मारने में 99.8 फीसदी सफल है तो यह कोरोना से जंग में एक बड़ा हथियार साबित हो सकता है। 
ग्राफ: हॉस्टन यूनिवर्सिटी (University of Houston)
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