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Aryan To Anaya: क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी जिसने पूर्व क्रिकेटर के बेटे को आर्यन से बना दिया अनाया

Mon, 11 Nov 2024 12:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पूर्व खिलाड़ी संजय बांगड़ का बेटा आर्यन अब अनाया बन गया है।
  • 23 वर्षीय आर्यन भी क्रिकेटर था।
  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ने आर्यन को अनाया में बदल दिया है।
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थेरेपी ने बदल दी आर्यन की पहचान - फोटो : amarujala.com
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी संजय बांगड़ का बेटा आर्यन अब अनाया बन गया है। 23 वर्षीय आर्यन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने आर्यन से अनाया बनने की जर्नी शेयर की है। आर्यन ने 10 महीने के हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ली थी जिसके बाद अब वह अनाया बन गए हैं।

इंस्टाग्राम रील में, 23 वर्षीय आर्यन ने अपनी कई पुरानी तस्वीरें साझा की हैं जिसमें वह एमएस धोनी और विराट कोहली के साथ देखे जा रहे हैं। सर्जरी के करीब 10 महीने बाद अब न सिर्फ उनका लुक, बल्कि पहचान भी पूरी तरह से बदल गई है। गौरतलब है कि आर्यन भी अपने पिता की ही तरह से क्रिकेटर हैं और अब तक घरेलू क्रिकेट में खेला करते थे। उन्होंने लीसेस्टरशायर में हिंकले क्रिकेट क्लब का प्रतिनिधित्व भी किया है।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आने बाद से लोगों के मन में बड़ा सवाल ये है कि आखिर हार्मोन  रिप्लेसमेंट थेरेपी क्या होती है जिसने आर्यन को अनाया में बदल दिया है?
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आर्यन से अनाया - फोटो : instagram
अनाया ने साझा की अपनी कहानी

अनाया बांगड़ ने सोशल मीडिया पर लिखा, छोटी उम्र से ही क्रिकेट हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहा है। बड़े होते हुए, मैंने अपने पिता को देश का प्रतिनिधित्व करते और कोचिंग करते हुए देखा, और जल्द ही मैंने उनके नक्शेकदम पर चलने का सपना देखना शुरू कर दिया। खेल के प्रति उनका जुनून, अनुशासन और समर्पण मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक था। क्रिकेट मेरा प्यार, मेरी महत्वाकांक्षा और मेरा भविष्य बन गया। मैंने अपना पूरा जीवन अपने कौशल को निखारने में बिताया है, इस उम्मीद में कि एक दिन, मुझे भी उनके जैसे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे उस खेल को छोड़ना पड़ेगा। यहां मैं एक दर्दनाक वास्तविकता का सामना कर रही हूं। हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद मेरे शरीर में कई तरह की परिवर्तन आया है। मेरी मांसपेशियों, ताकत, याददाश्त और एथलेटिक क्षमताओं में कमी महसूस कर रही  हूं, जिन पर मैं कभी निर्भर थी। जिस खेल से मैं इतने लंबे समय से प्यार करती थी, वह मुझसे दूर होता जा रहा है।

 
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आर्यन से अनाया का सफर - फोटो : instagram
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बारे में जानिए

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) एक ऐसा उपचार है जिसे डॉक्टर आमतौर पर मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के लक्षणों जैसे कि हॉट फ्लैश और रात में पसीना आने को ठीक करने के लिए देते हैं। यह शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। आर्यन जैसे मामले में जन्म के समय निर्धारित लिंग में बदलाव के लिए भी इसे प्रयोग में लाया जाता रहा है। 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का उपयोग लिंग में बदलाव के लिए भी किया जा सकता है। ये दो प्रकार का होता है- फेमिनाइजिंग और विरिलाइजिंग हार्मोन थेरेपी। पुरुष से महिला बनने के लिए फेमिनाइजिंग थेरेपी का प्रयोग किया जाता है। 

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हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी

फेमिनाइजिंग हार्मोन थेरेपी के माध्यम से किसी पुरुष में मर्दाना विशेषताओं को कम करने और स्त्री के शरीर से संबंधित विशेषताओं को विकसित करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए एस्ट्रोजन और एंड्रोजन ब्लॉकर्स का उपयोग किया जाता है। इससे स्तन के विकास, शरीर और चेहरे के बालों को हटाने और हाई पिच वाली आवाज पाने में मदद मिल सकती है। 

अध्ययनों से पता चलता है कि भले ही इस थेरेपी से शरीर में इच्छित परिवर्तन आ जाते हैं पर इससे प्रजनन क्षमता और यौन क्रिया प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा थेरेपी लेने वाले व्यक्ति में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का भी खतरा हो सकता है।
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थेरेपी के दुष्प्रभाव - फोटो : Freepik.com
बढ़ जाता है कैंसर का जोखिम

अध्ययनकर्ताओं ने एक रिपोर्ट में बताया कि एचआरटी के सकारात्मक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन इसके दुष्प्रभावों को लेकर भी सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। कुछ शोध बताते हैं कि एचआरटी के कारण भविष्य में एंडोमेट्रियल, ब्रेस्ट और ओवेरियन कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि इसे विशेषज्ञों की निगरानी में और पूरी तरह से शारीरिक जांच के बाद ही किया जाना चाहिए। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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