मछलियां कई प्रकार के आवश्यक पोषक तत्वों का स्रोत मानी जाती है, विशेषतौर पर वसायुक्त मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिसे हृदय से लेकर मस्तिष्क तक के लिए फायदेमंद पाया गया है। शरीर में ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए आपने भी फिश ऑयल सप्लीमेंट्स के बारे में सुना होगा। माना जाता रहा है कि मछली के तेल वाले ये सप्लीमेंट कैप्सूल शरीर में पोषक तत्वों की होने वाली कमी से बचा सकते हैं। पर क्या वास्तव में ये सप्लीमेंट्स फायदेमंद हैं? ये सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि कुछ अध्ययनों में फिश ऑयल सप्लीमेंट्स के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में पता चला है।
सैल्मन, मैकेरल और ट्राउट जैसी वसायुक्त मछलियों से प्राप्त तेल वाले कैप्सूल को इसके एंटी-इंफ्लामेटरी प्रभावों के लिए जाना जाता रहा है। खासकर हृदय रोग (सीवीडी), उच्च रक्तचाप, लिपिड और रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या वाले लोग इसका सेवन करते हैं।
हालांकि अध्ययन में पाया गया है कि फिश ऑयल सप्लीमेंट का नियमित सेवन करने से स्वस्थ लोगों में हृदय रोग और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है।