गर्भावस्था में बरतें सावधानी
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संक्रमण हो जाए तो क्या करें?
डॉक्टर कहती हैं, स्वाइन फ्लू के इस सीजन में सभी गर्भवती को चिंता करने की जरूरत नहीं है, पर सावधानी बहुत जरूरी है। अगर गर्भवती महिला को पहले से डायबिटीज, हृदय रोग, अस्थमा या दूसरी क्रॉनिक बीमारियां हैं तो जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे महिलाओं को तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, बहुत ज्यादा कमजोरी या हालत बिगड़ने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
- गर्भावस्था में फ्लू के कारण होने वाले खतरों को कम करने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह पर इन्फ्लुएंजा वैक्सीन लगवानी चाहिए।
- टीकाकरण केवल मां की सुरक्षा नहीं करता, बल्कि गर्भावस्था के दौरान मां से बच्चे तक पहुंचने वाली एंटीबॉडी के कारण जन्म के बाद शुरुआती महीनों में बच्चे को भी कुछ सुरक्षा मिल सकती है।
- नियमित रूप से हाथों की सफाई, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचाव जरूरी है।
- वहीं अगर आप संक्रमित हो गई हैं तो खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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स्रोत:
Pneumonia in the Pregnant Patient
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