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सावधान: जीवनशैली की यह आदतें बढ़ा रही हैं ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, महिलाएं हो जाएं विशेष सावधान

Fri, 08 Oct 2021 03:26 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्रेन स्ट्रोक का खतरा (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
जीवनशैली की गड़बड़ी हमारे सेहत के लिए किस कदर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, तमाम रिपोर्टस में इस बारे में हम सभी लगातार पढ़ते आ रहे हैं। ब्रेन स्ट्रोक भी ऐसी ही एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चिंता की बात यह भी है कि ब्रेन स्ट्रोक के ज्यादातर शिकार लोगों की आयु कम होती है। अध्ययनों में पाया गया है कि अगर जीवनशैली की कुछ आदतों में समय रहते सुधार कर लिया जाए तो ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वैसे तो ब्रेन अटैक, स्ट्रोक किसी भी उम्र में हो सकता है और यह पुरुषों तथा महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करता है। हालांकि जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के विशेषज्ञों के अनुसार गर्भनिरोधक गोलियों के बढ़े हुए चलन ने महिलाओं में इस खतरे को काफी बढ़ा दिया है। यह गोलियां एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं जिससे स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि हमारे जीवनशैली की कौन सी आदतें ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं?
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ब्रेन स्ट्रोक के खतरे को पहचानिए - फोटो : pixabay
ब्रेन स्ट्रोक क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति बाधित या कम हो जाने के कारण मस्तिष्क के ऊतकों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं, जिसके कारण स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। रक्त की आपूर्ति बाधित होने से मस्तिष्क की कोशिकाएं कुछ ही मिनटों में नष्ट होनी शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेन स्ट्रोक एक आपात चिकित्सा स्थिति है जिसमें रोगी को शीघ्र उपचार की आवश्यकता होती है। अगर समय रहते इसका अंदाजा लग जाए तो स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है।
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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Pixabay
तंबाकू उत्पादों के सेवन से बढ़ जाता है खतरा
धूम्रपान सहित कई अन्य प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन करना हृदय या फेफड़ों की बीमारियों के साथ ब्रेन स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ा सकता है। जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन के विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान, इस्किमिक स्ट्रोक के खतरे को दोगुना तक बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक तंबाकू उत्पादों के सेवन को बंद करके स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके अलावा अत्यधिक शराब पीने वालों को भी स्ट्रोक का खतरा होता है।

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शारीरिक निष्क्रियता है नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
शारीरिक निष्क्रियता है नुकसानदेह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक व्यायाम करने से आपकी हृदय गति बढ़ती है, पसीना आता है और वजन घटता है। व्यायाम करके आपको फिट और सक्रिय रहने में मदद मिलती है। हालांकि लोगों में कई कारणों से शारीरिक निष्क्रियता बढ़ती जा रही है, जिसके कारण स्ट्रोक और कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। शरीर को फिट और सक्रिय रखकर आप स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। 
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ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम कारकों को पहचानिए - फोटो : Pixabay
ब्रेन स्ट्रोक से कैसे रहें सुरक्षित?
जॉन हॉपकिंस के विशेषज्ञ कहते हैं, ब्रेन स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर नियमित व्यायाम को जीवनशैली में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन करके रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है, जो ब्रेन स्ट्रोक के खतरे के कम करने में सहायक हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन को लेकर महिलाओं का विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है।


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नोट:  यह लेख जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपायों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें। 
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