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नवरात्रि विशेष: अगर आपको भी हैं ये बीमारियां, तो उपवास के समय रखें इन खास बातों का ध्यान

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Vinita Mewada

डॉ. विनीता मेवाड़ा
डायटीशियन


शरीर को आराम देने के लिहाज से उपवास करना एक सामान्य प्रक्रिया है। असल में उपवास की परंपरा भारत में प्राचीन समय से है। धीरे धीरे इसके स्वरूप में कई परिवर्तन आते रहे और आजकल जो स्वरूप उपवास का है वह उपवास के मूल स्वरूप से बहुत अलग है। अब ज्यादातर जगहों पर उपवास का अर्थ अलग अलग तरह का भोजन होता है, वो भी डीप फ्राइड, शकर, घी, फैट्स और मसालों से भरा। यहां तक कि आजकल तो बाजार में रोटी-सब्जी, दाल-चावल तक फलाहारी स्वरूप में मिलने लगे हैं। ऐसे में उपवास का असली मतलब ही खत्म हो जाता है। इसलिए इस नवरात्रि अगर उपवास कर रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें। उपवास धार्मिक कारणों के अलावा कई बार वेट लॉस के लिए भी किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या, कैसे और कब खा रहे हैं। ऐसे में इन बातों का ध्यान रखें-
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-यदि आपको डायबिटीज है, दिल की बीमारी के मरीज हैं, हाई ब्लड प्रेशर या ऐसी ही किसी समस्या से ग्रसित हैं या गर्भवती हैं या स्तनपान करवा रही हैं तो उपवास करने से बचें। डॉक्टर्स और डायटीशियन सबसे पहली सलाह यही देते हैं।

-यदि इसके बावजूद आप उपवास करते हैं तो सबसे पहले सुबह उठकर अपनी नियमित दवा लेने के बाद नाश्ता जरूर करें। खाली पेट लम्बे समय तक न रहें।

-अगर आपको शुगर कम होती महसूस हो तो तुरन्त शकर या कोई मीठी चीज खाएं। यदि आप इन्सुलिन लेते हैं तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही उपवास करें।

-कोशिश करें कि हर दो-तीन घन्टे के अंतराल से थोड़ा- थोड़ा खाएं। एकसाथ फलाहार करने से बचें।
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मूंगफली - फोटो : iStock
- डीप फ़्राय, फैट रिच और बहुत मीठे से बचें। इसकी जगह फ्रूट्स, भुनी मूंगफली, सलाद आदि को उपयोग में लाएं।

-साबूदाने की बजाय राजगिरा, कुट्टू का आटा या राजगिरे के दानों का प्रयोग करें।

-लिक्विड डाइट यानी दूध, दही, छाछ, नारियल पानी, साधारण पानी आदि को ज्यादा उपयोग में लाएं। इससे शरीर हाइड्रेट भी रहेगा और पोषण भी मिलेगा।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-कोशिश करें कि यदि आप एक समय अनाज खाने वाले हैं तो उसे दोपहर या शाम को ही खाएं बजाय देर रात खाने के। देर रात को खाने से न केवल भोजन को पचाने में दिक्कत होती है बल्कि दिनभर भूखे रहकर सीधे रात को खाने से शरीर उसे ठीक से अडॉप्ट नहीं कर पाता और पेट सम्बन्धी समस्या हो सकती है।

-सेब, पपीता, अनार, नाशपाती जैसे फलों से फाइबर के साथ ही भरपूर मात्रा में पानी भी होता है। ये फल जरूर खाएं।

-सूखे मेवे, भुने हुए मखाने, सूखा नारियल, आदि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाते रहें।

- कोशिश करें कि फलाहार में आलू की बजाय शकरकंद, रतालू या जिमीकंद का उपयोग करें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-अतिरिक्त शकर, मिठाई, बाजार के जूस, चिप्स आदि का उपयोग कम से कम करें।

-अगर उपवास के दौरान एक्सरसाइज कर रहे हैं जो पोषण का खास ध्यान रखें और एक्सरसाइज से पहले कुछ खाएं जरूर।

नोट: डॉक्टर विनीता मेवाड़ा पेशे से डायटिशियन हैं और साथ ही वे मेडिकल क्षेत्र में एक जाना-माना नाम भी है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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