मोनोक्लोनल एंटीबॉडी
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दो एंटीबॉडी को मिलाने पर अध्ययन
इससे पहले साल 2022 में, शोधकर्ताओं ने एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विकसित की थी। इसके अगले अध्ययन के क्रम में ये जानने की कोशिश की गई कि दो एंटीबॉडी को एक साथ जोड़ते हैं तो क्या होता है और ये किस प्रकार से वायरस को प्रभावित करती है?
डॉ. मार्टिनेज बताते हैं, अब एकल एंटीबॉडी थेरेपी काम नहीं करने वाली है, इसलिए हमें इबोला और एचआईवी जैसी अन्य बीमारियों के लिए विकसित की जा रही थेरेपी के समान कुछ नया करने की कोशिश करनी पड़ सकती है। इस नए अध्ययन के रिपोर्ट काफी आशाजनक हैं, हमें उम्मीद है कि जल्द ही हम कोरोना के नए वैरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी तरीके को ढूंढ लेंगे।
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स्रोत और संदर्भ
universal COVID-19 antibodies
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