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अध्ययन: मांसाहारी लोग बरतें सावधानी, ज्यादा रेड मीट खाने वालों में इन गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक

Sun, 27 Mar 2022 06:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आहार का रखें विशेष ध्यान - फोटो : Pixabay
शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए आहार में कई तरह के पोषक तत्वों वाली चीजों को शामिल करने का सलाह दी जाती है। प्रोटीन, विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ आपको स्वस्थ रखने के साथ कई तरह की बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद करते हैं। पौष्टिकता वाले आहार के बारे में सोचते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहला ख्याल मांसाहार का आता है। अध्ययन भी इसकी पुष्टि करते हैं कि पशुओं पर आधारित आहार में प्रोटीन और विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। पर इसमें भी कुछ चीजों को लेकर आपको विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, विशेषकर रेड मीट के अधिक सेवन से।

रेड मीट को वैसे तो प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है। इसके सेवन से शरीर में कई ऐसे पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति की जा सकती है, जिसकी पौधों पर आधारित खाद्यों से प्राप्ति काफी कठिन मानी जाती है। पर अधिक मात्रा में रेड मीट के सेवन की आदत आपकी मुश्किलें भी बढ़ा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रेड मीट का अधिक सेवन करने वाले लोगों में कई तरह की गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है, ऐसे में इसका नियंत्रित सेवन ही किया जाना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में रेड मीट से सेहत को होने वाले ऐसे ही कुछ जोखिमों के बारे में जानते हैं।
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रेड मीट का अधिक सेवन हो सकता है हानिकारक - फोटो : Pixabay
हृदय रोगों का खतरा
अध्ययनों से पता चलता है कि रेड मीट का अधिक सेवन करने वाले लोगों में हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। रेड और प्रोसेस्ड दोनों तरह के मीट के सेवन को  हृदय रोग और स्ट्रोक के बढ़ते जोखिम से जोड़कर देखा जाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि रेड मीट का अधिक सेवन करने वाले लोगों में गट बैक्टीरिया कम हो जाते हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों में रक्त के थक्के बनने और धमनियों के अवरुद्ध होने का जोखिम भी काफी अधिक हो सकता है, जो हृदय रोगों का प्रमुख कारण मानी जाती है।
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रेड मीट से कई तरह की बीमारियों का खतरा - फोटो : pixabay
रेड मीट और कैंसर का जोखिम
कुछ अध्ययनों में पता चलता है कि रेड मीट बृहदान्त्र और मलाशय के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है। प्रोस्टेट और अग्नाशय के कैंसर के लिए भी इसके अधिक सेवन को जोखिम कारक के तौर पर देखा जाता है। कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए लोगों को रेड मीट की जगह चिकन और पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन पर ध्यान देना चाहिए।

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डायबिटीज में रेड मीट का सेवन नुकसानदायक - फोटो : iStock
मधुमेह रोगियों की बढ़ सकती है परेशानी
कम मात्रा में भी रेड मीट का लगातार सेवन करने की आदत मधुमेह का खतरा बढ़ा सकती है। साल 2020 के एक अध्ययन से पता चला है कि हर दिन सिर्फ 50 ग्राम रेड मीट खाने से मधुमेह का खतरा 11 फीसदी तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, मधुमेह वाले लोगों को प्रोसेस्ड मीट के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। रेड मीट ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकती है।
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रेड मीट का सेवन कम करें - फोटो : Pixabay
एलर्जी की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रेड मीट और जानवरों पर आधारित खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन के कारण कुछ लोगों में अल्फा-गैल सिंड्रोम नामक एलर्जी की समस्या हो सकती है। अध्ययनों में इस एलर्जी को कुछ स्थितियों में जानलेवा भी बताया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रेड मीट खाने के बाद यदि आपको किसी भी तरह की दिक्कतों का अनुभव होता है तो इससे परहेज करना चाहिए। 


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स्रोत और संदर्भ
Health Risks Associated with Meat Consumption: A Review of Epidemiological Studies

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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