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Health Tips: गर्भवती महिलाओं को भूलकर भी नहीं करना चाहिए इन चीजों का सेवन, हो जाएं सतर्क

Sat, 17 Jan 2026 08:18 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Safe Pregnancy Tips: गर्भावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमें कुछ खास सावधानियां बरतना बहुत जरूरी होता है। अक्सर लोग ऐसी अवस्था में जाने अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं जिसकी वजह से उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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गर्भावस्था - फोटो : Freepik.com
Foods To Avoid Pregnancy: गर्भावस्था एक महिला के जीवन का सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण समय होता है, जहां उसकी एक छोटी सी लापरवाही गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। इस दौरान महिला जो कुछ भी खाती है, उसका सीधा संबंध बच्चे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से होता है। अक्सर अनजाने में या पुराने मिथकों के कारण महिलाएं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कर लेती हैं जो 'मिसकैरेज' (गर्भपात), समय से पहले प्रसव या जन्मजात दोषों का कारण बन सकते हैं।

चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद बैक्टीरिया या एंजाइम्स प्लेसेंटा को पार कर शिशु के अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए नौ महीनों के इस सफर को अच्छे से समझना जरूरी है और ये जानना भी जरूरी है कि इस दौरान किन चीजों से परहेज करना चाहिए। सही आहार का चुनाव न केवल मां को स्वस्थ रखता है, बल्कि आने वाले नन्हे मेहमान की नींव को भी मजबूत बनाता है। सतर्कता ही सुरक्षित प्रसव की पहली सीढ़ी है।
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अनानास - फोटो : Freepik.com
कच्चा पपीता और अनानास
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में कच्चा पपीता और अनानास खाना बेहद खतरनाक हो सकता है। कच्चे पपीते में 'लेटेक्स' और 'पेपैन' होता है, जो गर्भाशय के संकुचन को बढ़ा सकता है, जिससे समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है। वहीं अनानास में मौजूद 'ब्रोमेलैन' एंजाइम गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर सकता है। इन फलों से दूरी बनाए रखना ही मां और शिशु के हित में है।
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मीट - फोटो : istock
कच्चा मांस और अधपके अंडे
अधपका मांस, कच्ची मछलियां (जैसे सुशी) और कच्चे अंडे में 'लिस्टरिया', 'साल्मोनेला' और 'टोक्सोप्लाज्मा' जैसे खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं। ये संक्रमण मां को बीमार करने के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु में गंभीर संक्रमण या विकास संबंधी विकार पैदा कर सकते हैं। हमेशा भोजन को अधिक तापमान पर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। इसके अलावा मेयोनीज जैसी चीजों से भी बचें जिनमें कच्चे अंडे का उपयोग किया जाता है।

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शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
कैफीन और शराब
अत्यधिक मात्रा में चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन, जिनमें कैफीन होता है, बच्चे के वजन को कम कर सकता है और उसके दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है। वहीं शराब का सेवन तो पूरी तरह वर्जित है, क्योंकि यह 'फेटल अल्कोहल सिंड्रोम' का कारण बनता है, जिससे बच्चे के चेहरे की बनावट और मानसिक क्षमता पर स्थाई बुरा असर पड़ता है। हर्बल चाय या ताजे फलों का रस इनके सुरक्षित विकल्प हैं।

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गर्भावस्था - फोटो : Freepik.com
सतर्कता और डॉक्टर की सलाह है जरूरी
गर्भावस्था में किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से परामर्श अवश्य लें। बाहर के खुले खाने बिना धुली सब्जियों और अनपाश्चुरीकृत दूध या पनीर से परहेज करें। ध्यान रखें आपका संयम और संतुलित आहार ही आपके बच्चे के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की गारंटी है। छोटी-छोटी सावधानियां एक स्वस्थ और खुशहाल मातृत्व का आधार बनती हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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