दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर की रफ्तार भले ही कम पड़ गई हो लेकिन लॉन्ग कोविड के रूप में इसके साइड-इफेक्ट्स अब भी लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। माना जाता रहा है कि लॉन्ग कोविड समस्याओं के रूप में लोगों को गंभीर थकान, कमजोरी और पैरों में दर्द जैसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है। पर हालिया अध्ययन ने स्वास्थ्य संगठनों के सामने नई चुनौती लाकर खड़ी कर दी है।
अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि लॉन्ग कोविड को सिर्फ कमजोरी और दर्द तक सीमित करके देखना सही नहीं है, कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के 200 से ज्यादा प्रकार के लक्षण दिख सकते हैं।
लॉन्ग कोविड का मतलब, कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आ जाने के बाद भी लोगों में कुछ दिनों से लेकर महीनों तक लक्षणों का बना रहना है। हालांकि कोरोना के हर संक्रमित में लॉन्ग कोविड के लक्षण दिखें, ऐसा आवश्यक नहीं है।
आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि अध्ययन में शोधकर्ता लॉन्ग कोविड के किन 200 से अधिक प्रकारों के बारे में लोगों को सावधान कर रहे हैं।