आयुष मंत्रालय(सांकेतिक तस्वीर)
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बाबा रामदेव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमाम नियमों का पालन करते हुए इस दवा को तैयार करने की बात कही थी। लेकिन उनके दावे से इतर आयुष मंत्रालय ने कहा है कि जबतक इस दवा की विधिवत जांच नहीं हो जाती, तब तक इसके प्रचार-प्रसार पर रोक लगी रहेगी। आयुष मंत्रालय ने कहा कि पतंजलि की कथित दवा, औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून, 1954 के तहत विनियमित है।
कंपनी से कहा गया है कि वह नमूने का आकार, स्थान, अस्पताल (जहां अध्ययन किया गया) और आचार समिति की मंजूरी के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए। कंपनी ने मंत्रालय को डिटेल उपलब्ध करा दी है। इधर, राजस्थान और महाराष्ट्र में राज्य सरकार ने पतंजलि की इस दवा पर रोक लगा दी है।