दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण जारी है। संक्रमण की शुरुआत से ही बच्चों में इसके अधिक खतरे को लेकर आशंका जताई जा रही है, इसका एक कारण बच्चों का टीकाकरण न हो पाना माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर संक्रमण के दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक बच्चों के वैक्सीनेशन की रफ्तार काफी कम है, कुछ देशों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने उस खास तरीके के बारे में बताया है जिसको प्रयोग में लाकर बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सकता है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूएस, क्लैलिट रिसर्च इंस्टीट्यूट और इज़राइल के तेल-अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत स्वास्थ्य रिकॉर्ड डेटाबेस का विश्लेषण किया। इस आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि माता-पिता दोनों का टीकाकरण हो गया है तो एक ही घर में रहने वाले बच्चों को पर्याप्त सुरक्षित माना जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के खिलाफ फिलहाल सभी वयस्कों का टीकाकरण सबसे आवश्यक है जिससे कि घर में रह रहे अन्य लोगों में संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। आइए आगे इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।