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Health Tips: हर तीन में एक लोगों को है लीवर से संबंधित ये गंभीर बीमारी, यहां जानें इसके शुरुआती लक्षण

Wed, 01 Oct 2025 08:17 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भोजन के बाद पेट फूलना, पेट हल्का दर्द बने रहना इसके साथ ही कमजोरी महसूस होता है तो किसी लीवर से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है।
  • हैरानी बात यह है कि आंकड़ों के मुताबिक हर तीन में से एक लोग इस समस्या से परेशान हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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लिवर - फोटो : Adobe Stock
Non-Alcoholic Fatty Liver Disease: लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो पाचन से लेकर शरीर को डिटॉक्स करने तक 500 से भी ज्यादा कार्य करता है। मगर आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान की आदतों ने इस अंग को एक गंभीर खतरे में डाल दिया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आज भारत में लगभग हर तीन में से एक व्यक्ति लिवर की एक गंभीर बीमारी का शिकार है, जिसका नाम है नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD)। 

यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें उन लोगों के लिवर में अतिरिक्त चर्बी (फैट) जमा हो जाती है जो बहुत कम या बिल्कुल भी शराब नहीं पीते। सबसे चिंता की बात यह है कि यह एक 'साइलेंट' बीमारी है, जिसके शुरुआती चरणों में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, और जब तक इसका पता चलता है, तब तक लिवर को काफी नुकसान पहुंच चुका होता है। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के शुरुआती लक्षण कैसे दिखते हैं।
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लिवर - फोटो : Freepik.com
क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण?
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण बहुत ही सामान्य और अस्पष्ट हो सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें सबसे प्रमुख है अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।

इसके अलावा कुछ लोगों को पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन महसूस हो सकता है, साथ ही खाते ही पेट फूल सकता है। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो इन्हें सामान्य समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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लिवर - फोटो : Freepik.com
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज मुख्य रूप से एक जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है। इसका सबसे अधिक खतरा उन लोगों को होता है जो मोटापे के शिकार हैं या जिनका वजन अधिक है।

इसके अलावा टाइप-2 डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ट्राइग्लिसराइड्स और मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोगों में इस बीमारी के होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

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लिवर - फोटो : Freepik.com
क्यों है यह एक 'गंभीर' बीमारी?
अगर समय पर फैटी लिवर का इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। लिवर में फैट जमा होने से सूजन आ सकती है, जिसे NASH (नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस) कहते हैं।

यह सूजन धीरे-धीरे लिवर को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे फाइब्रोसिस या सिरोसिस (लिवर का सिकुड़ना) हो सकता है, और कुछ मामलों में यह लिवर कैंसर का कारण भी बन सकता है।
 
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लिवर - फोटो : Adobe stock photos
कैसे करें बचाव?
जैसा हम जानते हैं कि यह एक जीवनशैली से जुड़ी बीमारी है, इसलिए इससे बचाव भी संभव है। स्वस्थ वजन बनाए रखना इसका सबसे अच्छा उपाय है। अपनी डाइट में तले-भुने, मीठे और प्रोसेस्ड फूड्स की जगह फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें। रोजाना कम से-कम 30 मिनट व्यायाम करें। यदि आपको डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल है, तो उसे नियंत्रण में रखें। इन सरल उपायों से आप अपने लिवर को स्वस्थ रख सकते हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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