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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: डेल्टा से अलग हैं ओमिक्रॉन के लक्षण, ज्यादातर रोगियों को हो रही हैं ये तीन समस्याएं

Sat, 11 Dec 2021 09:00 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन संक्रमित के लक्षण - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के करीब 57 देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर देखने को मिल रहा है। अध्ययनों में कोरोना के इस वैरिएंट को विशेषज्ञ काफी संक्रामक मान रहे हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट में ऐसे म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो इसे शरीर में वैक्सीनेशन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देने के योग्य बनाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना के इस रूप को वैरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में वर्गीकृत किया है। विभिन्न संगठनों ने कोरोना के इस वैरिएंट की संक्रामता दर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि चूंकि यह प्रतिरक्षा को चकमा देने की क्षमता रखता है, ऐसे में जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है, उन्हें भी विशेष सर्तक रहने की आवश्यकता है। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के इस वैरिएंट के संक्रमण में लोगों में डेल्टा से कुछ अलग समस्याएं देखने को मिल रही है। आइए उन लक्षणों के बारे में जानते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


 
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ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण - फोटो : iStock
हल्के से मध्यम हैं ओमिक्रॉन के लक्षण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पहले के वैरिएंट की तरह ही, ओमिक्रॉन संक्रमितों में भी गंभीर थकान और कमजोरी की समस्या देखने को मिल रही है। इस नए स्ट्रेन के स्पाइक प्रोटीन में 30 से अधिक म्यूटेशन हैं, जो कि किसी भी अन्य पिछले स्ट्रेन से अलग हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, अब तक दुनियाभर में ओमिक्रॉन के हल्के-मध्यम लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का सुझाव है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस का नवीनतम संस्करण उन लोगों को आसानी से संक्रमित कर सकता है जिनको पहले कोरोना का संक्रमण हो चुका है, या जिनका वैक्सीनेशन पूरा नहीं हुआ है।
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गले में खरोंच जैसा दर्द - फोटो : iStock
स्क्रेची थ्रोट के लक्षण
दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन संक्रमितों का इलाज कर रही डॉक्टर, एंजेलिक कोएत्ज़ी के अनुसार, ओमिक्रॉन से संक्रमित रोगियों में गले में खराश के बजाय स्क्रेची थ्रोट जैसी समस्या देखने को मिल रही है। वैसे तो यह दोनों स्थितियां एक हद तक समान हो सकती हैं, हालांकि स्क्रेची थ्रोट की समस्या अधिक दर्दनाक होती है।

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पसीना आने की समस्या - फोटो : Pixabay
रात में बहुत पसीना आना
दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य अपडेट में डॉक्टरों ने बताया कि ओमिक्रॉन संक्रमितों को रात में पसीना आने की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। कुछ रोगियों को तो रात में इतना पसीना आ रहा है जिससे उनके कपड़े और बिस्तर तक गीले हो जा रहे हैं। डॉक्टर के अनुसार पसीने के अलावा रोगियों को शरीर में बहुत दर्द की समस्या भी देखने को मिल रही है।
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सर्दी की समस्या - फोटो : Istock
सूखी खांसी की समस्या
डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन पीड़ितों में सूखी खांसी की समस्या भी देखने को मिल रही है। यह दिक्कत डेल्टा और अल्फा वैरिएंट के संक्रमण में भी देखने को मिल रहा था। वायुमार्ग मे सूजन के कारण सूखी खांसी की समस्या हो सकती है। जिन रोगियों में ऐसे लक्षण दिख रहे हों उन्हें तुरंत सावधान हो जाने की जरूरत है।


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स्रोत और संदर्भ
Doctor shares the three specific symptoms of Omicron variant

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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