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Omicron Variant: देश में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन, जानिए क्या होती है यह स्थिति, क्यों माना जाता है इसे खतरनाक?

Mon, 24 Jan 2022 01:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस का कम्युनिटी ट्रॉसमिशन - फोटो : iStock
देशभर में पिछले करीब एक महीने से जारी कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण लगातार लोगों के लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन हो चुका है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स सीक्वेंसिंग कंसोर्टियम ( इंसाकॉग) ने स्वीकारा है कि देश में कोरोना का सामुदायिक प्रसार हो चुका है, सभी लोगों को इस खतरे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। बयान में कहा गया है कि कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण लोगों में डेल्टा संक्रमण जैसी समस्या तो नहीं हो रही है, हालांकि इसका प्रसार काफी तेज है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।

रविवार को जारी बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि देश में ओमिक्रॉन के BA.2 उप-वंश के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं, इसकी वजह से एस-जीन ड्रॉपआउट आधारित परीक्षण की रिपोर्ट गलत आने के मामले भी सामने आ रहे हैं। जिन लोगों में संक्रमण है भी, ऐसे कई लोगों के रिपोर्ट भी निगेटिव आ रहे हैं। फिलहाल कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे को देखते हुए सभी लोगों को लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर कम्युनिटी ट्रांसमिशन क्या होता है और संक्रमण की यह स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है?
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कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति - फोटो : Pixabay
कम्युनिटी ट्रांसमिशन क्या होता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, किसी भी संक्रमण का कम्युनिटी ट्रांसमिशन वह स्थिति है जिसमें लोग तेजी से संक्रमण का शिकार हो रहे होते हैं, हालांकि उसके स्रोत का पता नहीं होता है। दूसरे शब्दों में समझें तो बिना संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों में भी संक्रमण की पुष्टि होने की स्थिति कम्युनिटी ट्रांसमिशन का संकेत मानी जाती है। संक्रमितों का कोई कॉटैक्ट हिस्ट्री नहीं होता है फिर भी उनमें संक्रमण की पुष्टि की जाती है।
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कोरोना संक्रमण का तेजी से बढ़ता खतरा - फोटो : iStock
संक्रमण का खतरा सभी में
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसमिशन का अर्थ है कि वायरस अब तेजी से लोगों के बीच फैल रहा है और  उन लोगों को भी संक्रमित कर सकता है जिन्होंने न तो हाल ही में कोई विदेश यात्रा की है, न ही संक्रमित लोगों या संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में गए हैं। इस स्तर पर, सैद्धांतिक रूप से हर व्यक्ति को संक्रमण होने का खतरा रहता है। कम्युनिटी ट्रॉसमिशन जैसी स्थिति को स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जाता है।

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कोरोना से बचाव की जरूरत - फोटो : pixabay
कितना गंभीर है कम्युनिटी ट्रांसमिशन का स्टेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी संक्रमण का कम्युनिटी ट्रांसमिशन के स्टेज में पहुंचना एक चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जाती है। कोरोनावायरस के संदर्भ में बात करें तो चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पहले यह वायरस विदेशों  से आया और फिर इसने देश में महामारी का रूप ले लिया है। यह स्थिति चिंताजनक मानी जाती है। हम एक दूसरे को संक्रमित कर रहे हैं। यही सामुदायिक प्रसारण की सही परिभाषा है।
कम्युनिटी ट्रांसमिशन जैसी स्थिति से बचे रहने के लिए लोगों को और भी सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है, क्योंकि हमें यह नहीं पता होता है कि हमें किससे संक्रमण होने का खतरा हो सकता है।
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स्वाइन फ्लू का कम्युनिटी ट्रांसमिशन - फोटो : iStock
इन वायरस का भी हो चुका है कम्युनिटी ट्रांसमिशन
कोरोनावायरस के पहले  इन्फ्लूएंजा और बर्ड फ्लू जैसे संक्रमणों के भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन के मामले देखने को मिल चुके हैं। साल 2009 में एच1एन1 का प्रकोप, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के रूप में जाना जाता है, यह भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन के रूप में फैला था। कोरोना संक्रमण के कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को लगातार विशेष सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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