कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्राॅन ने दुनिया के तमाम देशों में दस्तक दे दी है। विशेषज्ञ इसे कोरोना के अब तक के सभी वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक मान रहे हैं। नए वैरिएंट में कई म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसे वैक्सीनेटेड लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम बनाते हैं। यूके, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका जैसे देशों में ओमिक्रॉन तेजी से बढ़ता जा रहा है, वहीं भारत में भी अब तक 200 से अधिक लोगों में इसके संक्रमण की पहचान की जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस वैरिएंट की प्रकृति को लेकर चिंतित हैं। इसके साथ ही कई ऐसे लोगों को भी ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया जा रहा है जिनको टीके की दोनों डोज मिल चुकी है और हाल-फिलहाल उन्होंने विदेशों की कोई यात्रा भी नहीं की है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जिन लोगों की हाल-फिलहाल कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं है, वह ओमिक्रॉन के शिकार कैसे हो रहे हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए। आइए आगे की स्लाइडों में नो-ट्रैवेल हिस्ट्री वाले लोगों में ओमिक्रॉन संक्रमण के कारणों के बारे में जानते हैं।