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Covid-19: भारत में कोरोना का कौन सा वैरिएंट एक्टिव? संक्रमितों में कौन से लक्षण देखे जा रहे

Tue, 28 Jul 2026 03:19 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में अधिकांश संक्रमित लोगों में फिलहाल हल्के या मध्यम लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। संक्रमितों में बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बहने, सिरदर्द और शरीर दर्द की दिक्कत सबसे ज्यादा देखी जा रही है।
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कोरोना का RF.5 वैरिएंट - फोटो : Amarujala.com/AI
देश के कई राज्यों में इन दिनों फिर से कोरोना का जोखिम देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले एक महीने में आंध्र प्रदेश में कोरोना के 49 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। फिलहाल अच्छी खबर ये है कि पिछले 24 घंटों में कोविड-19 का कोई नया पॉजिटिव केस सामने नहीं आया।अब तक दर्ज किए गए कुल 49 मामलों में से 32 मामले अभी भी एक्टिव हैं।

वहीं तमिलनाडु में अभी संक्रमण के 20 मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए सभी 20 कोविड-19 पॉजिटिव सैंपल में ओमिक्रॉन RF.5 सब-लीनिएज की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इन दिनों देश में कोरोना का ओमिक्रॉन RF.5 वैरिएंट एक्टिव है। ये कोई नया वैरिएंट नहीं है, ये देश में पहले देखे गए कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का ही हिस्सा है। हालांकि लोगों के मन में सवाल है कि क्या इससे गंभीर खतरे की आशंका है?
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कोविड-19 का खतरा - फोटो : Adobe Stock
तमिलनाडु में कोरोना के मामलों को लेकर हालिया बुलेटिन से पता चलता है कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम है। अभी 8 मरीज अस्पतालों में बने खास कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। वहीं, हल्के लक्षण वाले या बिना लक्षण वाले 24 लोग होम आइसोलेशन में निगरानी में हैं।

राज्य में सोमवार को दो मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए, जिससे ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 13 हो गई है। यहां अब तक संक्रमण से चार लोगों की मौत हो चुकी है।


कितना खतरनाक है ये वायरस?

पब्लिक हेल्थ और प्रिवेंटिव मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. ए. सोमसुंदरम ने बताया, पुणे लैब में टेस्ट किए गए सभी 20 सैंपल RF.5 पाए गए हैं। यह खतरनाक वायरस नहीं है, इसलिए लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से नियमित रूप से हाथ धोने और बीमार होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने की अपील की है। 
 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के RF.5 से सबसे ज्यादा जोखिम 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वालों को हो सकता है।
  • फिलहाल RF.5 के कारण गंभीर बीमारी या मृत्यु दर में कोई बढ़ोतरी के प्रमाण नहीं मिले हैं।
 
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कोरोना के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
क्या देखे जा रहे हैं लक्षण?

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना का ये वैरिएंट किसी गंभीर समस्या का कारण नहीं बन रहा है। अधिकांश संक्रमित लोगों में फिलहाल हल्के या मध्यम लक्षण ही देख जा रहे हैं।
 
  • बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण अभी भी प्रमुख बने हुए हैं। 
  • हालांकि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, क्रॉनिक बीमारी के शिकार और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए अब भी खतरा हो सकता है। 
  • यदि किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण हों तो उसे दूसरों से दूरी बनाकर रखना, मास्क पहनना जरूरी है।
  • ये इंफ्लूएंजा का मौसम भी चल रहा है ऐसे में हर बार सर्दी-खांसी को कोरोना मानना ठीक नहीं है।
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कोरोना की वैक्सीन - फोटो : Freepik.com
वैक्सीन अभी भी असरदार

विशेषज्ञों का मानना है कि पहले लग चुकी कोविड वैक्सीन अभी भी गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। नए वेरिएंट संक्रमण कर सकते हैं, लेकिन टीका लगवा चुके लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है।

भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की नियमित सफाई, खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना और कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखना आपके जोखिमों और संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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