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Health Tips: बच्चों में मोटापे की बढ़ती समस्या, कहीं ऐसी गलतियां तो नहीं कर रहा आपका बच्चा? तुरंत करें सुधार

Fri, 10 Jun 2022 11:20 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में मोटापा की समस्या - फोटो : iStock
समय के साथ बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद गंभीर मानते हैं। बचपन के मोटापे को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। मोटापा से ग्रस्त बच्चों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हाई कोलेस्ट्रॉल विकसित होने का जोखिम अधिक होता है। यह स्थितियां सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को भी बढ़ा देती है। इसके कारण आत्मसम्मान में कमी और गंभीर स्थितियों में अवसाद तक की समस्या हो सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं। 

बचपन में मोटापा विकसित होने के कई कारण हो सकते हैं। जीवनशैली और खान-पान की गड़बड़ी को इसके प्रमुख कारक के तौर पर देखा जाता है। अगर समय रहते मोटापे की समस्या को कंट्रोल न किया जाए तो कम उम्र में ही यह कई तरह की बीमारियों के विकसित होने का जोखिम बढ़ा सकता है।

बच्चों में मोटापा बढ़ाने वाले कारकों को समझते हुए उससे बचाव करते रहना आवश्यक होता है। यह बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि किन कारणों से बच्चों में मोटापे का खतरा विकसित हो सकता है?
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मोटापा और आहार की समस्या - फोटो : Pixabay
आहार संबंधित समस्याएं

आहार में गड़बड़ी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ, मोटापे के सबसे प्रमुख कारकों में से एक मानते हैं।  हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ जैसे फास्ट फूड, बेक्ड खाद्य, कैंडीज आदि के अधिक सेवन से आपके बच्चे का वजन बढ़ सकता है। जो बच्चे मीठी चीजों का सेवन अधिक करते हैं, उनमें भी वजन बढ़ने का खतरा हो सकता है। बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उनके आहार को लेकर विशेष सतर्कता बरतना बहुत आवश्यक हो जाता है। 
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बढ़ते मोटापा की दिक्कत - फोटो : Pixabay
शारीरिक निष्क्रियता

जो बच्चे ज्यादा व्यायाम नहीं करते हैं, उनमें भी वजन बढ़ने की आशंका अधिक होती है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण सही मात्रा में कैलोरी बर्न नहीं हो पाती है। गतिहीन जीवनशैली की आदतें जैसे मोबाइल फोन्स पर बहुत अधिक समय व्यतीत करना, टेलीविजन देखना या वीडियो गेम खेलना, घर में ही रहने की आदत बच्चों के लिए समस्याओं को बढ़ा सकती है। अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के साथ शारीरिक निष्क्रियता को बड़े खतरे को रूप में देखा जाता है। 

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स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा है मोटापा - फोटो : Pixabay
बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम

जिन बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल-टीवी जैसी स्क्रीन के साथ बीतता है, उनमें भी मोटापा बढ़ने का खतरा अधिक देखा जाता है। बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम नींद विकारों का कारण बनता है जिसके कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो मोटापे की समस्या को बढ़ाने वाला माना जाता है। बच्चों को मोबाइल या किसी भी स्क्रीन से दूर रखने की कोशिश करें। 
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बच्चों में मोटापे की खतरा - फोटो : iStock
आनुवांशिक कारक

गड़बड़ आदतों के साथ कुछ बच्चों में आनुवांशिकता के कारण भी वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। यदि माता-पिता में मोटापे की समस्या है तो इसका सीधा असर बच्चों पर भी देखा जा सकता है। इसके अलावा तनावशील माहौल में बढ़ने वाले बच्चों में भी इस समस्या का जोखिम अधिक होता है। सभी माता-पिता को बच्चों में मोटापे के जोखिमों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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