इतने परीक्षण के बाद दो अलग तरीके के वायरस सामने आए। जिनमें से पहला RV-C15, है जो अस्थमा को बढ़ाता है और दूसरा है EV-D68 जिससे पोलियो की बीमारी होती है। शोध के दौरान पाया गया कि ये वायरस SETD3 नामक एंजाइम की मौजूदगी में फलता-फूलता है। ये खोज सर्दी-जुकाम के उपचार में मददगार हो सकती है क्योंकि यह कंट्रोल सेल की तुलना में बेहतर है।