लड़कियों में हो रहे इस परिवर्तन के लिए सिफारिश में कहा गया कि सोने के शेड्यूल में सुधार करते हुए बच्चों और किशोरों में मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है, विशेष तौर से लड़कियों में। वहीं खान-पान, शारीरिक गतिविधि और आदि में सुधार भी किए जाने चाहिए जिससे किशोरवय लड़कियों को मोटापे की समस्या से बचाया जा सके।