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नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज: जानिए इस बीमारी के लक्षण और बचाव के तरीके

Mon, 20 Dec 2021 07:35 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फैटी लिवर डिजीज की समस्या - फोटो : iStock
ज्यादा शराब पीने के कारण  लिवर खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। अल्कोहल से लिवर को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में
आपने भी सुना होगा, लेकिन क्या आपको मालूम है कि लिवर को इतना ही नुकसान मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज से भी पहुंच सकता है? जी हां, नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीज़ आपके लिवर को बिना शराब का सेवन किए भी मुश्किल में डाल सकती है। यह मुख्यतः खान-पान और बिगड़े रूटीन से जुड़ी समस्या होती है जिसका प्रतिशत भारतीय आबादी में भी बढ़ता जा रहा है। 

पिछले कुछ वर्षों में बदले खान-पान और रूटीन ने कई सारी जीवनशैली सम्बन्धी समस्याओं को बढ़ा दिया है। इसमें डायबिटीज और मोटापा भी शामिल है। शरीर का बढ़ता वजन अपने साथ कई मुसीबतें लेकर आता है। फैटी लिवर की स्थिति भी इसमें शामिल है। पहले यह स्थिति ज्यादातर शराब का सेवन करने वालों में पाई जाती थी। अब इसका खतरा उन लोगों में भी  बढ़ता जा रहा है जो बहुत कम या बिल्कुल भी शराब का सेवन नहीं करते। इसी समस्या को नॉन अल्कोहॉलिक फैटी डिजीज़ के तौर पर जाना जाता है। इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में लिवर की कोशिकाओं में फैट इकट्ठा हो जाता है। मोटापा, डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, हाई कोलेस्ट्रॉल, नींद में कमी, पीसीओडी और खून में ज्यादा मात्रा में ट्राइग्लिसराइड्स का होना आदि, इस बीमारी की आशंका बढ़ा सकता है।
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फैटी लिवर का खतरा - फोटो : iStock
ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान:
ये समस्या इस तरह से बढ़ती है कि लक्षण शुरुआत में एकदम से सामने नहीं आते। लेकिन यदि बहुत ज्यादा थकान, पेट में ऊपर की तरफ़ दाईं ओर दर्द या अजीब सा एहसास, पेट पर सूजन, त्वचा पर फूली हुई नसों का नजर आना, हथेलियों में लाली आना या आंखों और स्किन के रंग का पीला होना आदि लक्षण दिखें तो डॉक्टर से तुरन्त सलाह लें।
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स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : iStock
इस तरह के आहार का सेवन करना है फायदेमंद

इस समस्या के लिए इलाज के लिए डॉक्टर वजन को संतुलित बनाए रखने और सही डाइट व एक्सरसाइज का पालन करने की सलाह देते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपको फैट्स या वसा से एकदम दूरी बना लें। संतुलित आहार के लिए मछली, अखरोट, अलसी और पत्तेदार सब्जियों में मौजूद ओमेगा थ्री फैटी एसिड्स और एवाकाडो, नट्स और ऑलिव में मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैट्स का सेवन संतुलित मात्रा में जरूर करें। इसके अलावा ताजे फल, साबुत अनाज, आदि भी डाइट में शामिल करें। थोड़ी मात्रा में कॉफी, ग्रीन टी, कच्चा लहसुन, बादाम आदि भी फायदेमंद माने जाते हैं।
 
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लिवर की बीमारियों से करें बचाव - फोटो : Pixabay
इन बातों का रखें ध्यान

चूंकि अच्छी डाइट इस बीमारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। इसमें पॉल्ट्री उत्पाद जिसमें खासकर मीट, फुल फैट चीज़, फुल फैट क्रीम और दही, बेक किए या तले हुए खाद्य, मीठे पदार्थ आदि शामिल है। 
इसके अलावा नियमित रूप से कम से कम 45 मिनिट्स का व्यायाम जरूरी है। इसके लिए  आप डॉक्टर की सलाह और अपनी शरीरिक स्थिति के अनुरूप भी कोई व्यायाम चुन सकते हैं। स्वीमिंग, साइकिलिंग, एरोबिक्स आदि इसके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।


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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


 
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