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Nipah Virus: केरल में इस संक्रामक रोग को लेकर अलर्ट, दो की मौत, संक्रमण के कारण ब्रेन इंफेक्शन का जोखिम

Tue, 12 Sep 2023 02:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निपाह वायरस को लेकर अलर्ट - फोटो : iStock
केरल राज्य इन दिनों एक गंभीर संक्रामक रोग की चपेट में है, कोझिकोड जिले में दो लोगों की मौत के बाद से केरल स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दोनों की मौत के लिए निपाह वायरस के संक्रमण को कारण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों रोगियों को इंटेंसिव केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हुई है। 

स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार रात जारी एक बयान में बताया कि स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यहां निपाह के जोखिम को देखते हुए उच्च स्तरीय बैठक करके स्थिति की समीक्षा की है। गौरतलब है कि केरल में पहले भी निपाह के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतकों और निपाह वायरस संक्रमण जैसे समान लक्षण वाले रोगियों के सैंपल पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को इस गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी है, साथ ही अन्य राज्यों को भी निपाह के खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है।

आइए जानते हैं कि यह कितना गंभीर हो सकता है?
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निपाह का संक्रमण - फोटो : iStock
निपाह वायरस के बारे में जानिए

निपाह वायरस जानवरों और इंसानों के बीच फैलता है, यह मुख्यरूप से चमगादड़ों के माध्यम से फैलता है हालांकि कुछ मामलों में सुअर, बकरी, घोड़े जैसे अन्य जानवरों के माध्यम से भी इसका संक्रमण हो सकता है। संक्रमित जानवरों के संपर्क में रहने वालों में इस संक्रमण का खतरा अधिक देखा जाता है। संक्रमित जानवर के शारीरिक तरल पदार्थ (रक्त, मल, पेशाब या लार) के माध्य से इसका संक्रमण इंसानों को हो सकता है।

संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने के कारण भी आप वायरस की चपेट में आ सकते हैं। सभी लोगों को इस संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी जाती है।
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निपाह संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock
निपाह संक्रमण में क्या होते हैं लक्षण?

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि वायरस के संपर्क में आने के 14 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखने लग जाते हैं। शुरुआत के दिनों में बुखार और सिरदर्द के साथ फ्लू जैसे सामान्य लक्षण दिखते हैं, समय के साथ इसके लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ता जाता है। बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई के साथ इसके लक्षण गंभीर होते जा सकते हैं जिसमें ब्रेन इंफेक्शन (एन्सेफलाइटिस) हो सकता है।

कुछ लोगों में संक्रमण के कारण भ्रम और भटकाव जैसी समस्याओं के साथ दौरे पड़ने, बेहोशी और श्वसन संबंधी समस्या होने का भी खतरा हो सकता है।

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निपाह का संक्रमण हो सकता है गंभीर - फोटो : istock
निपाह का संक्रमण हो जाए तो क्या करें?

निपाह संक्रमण का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, इसमें सहायक उपचार के माध्यम से लक्षणों को सुधारने के लिए प्रयास किए जाते हैं। रोगियों को कुछ उपाय करके सेहत में सुधार के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी जाती है। लक्षणों में सुधार के लिए बहुत सारा पानी पीने, भरपूर आराम करने को लाभकारी माना जाता है।

मतली या उल्टी को नियंत्रित करने के लिए दवाएं दी जाती हैं। जिन रोगियों को सांस लेने में कठिनाई होती है उन्हें इन्हेलर या नेब्युलाइज़र दी जा सकती है। शोधकर्ता निपाह वायरस के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार तैयार करने के लिए अध्ययन कर रहे हैं।
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संक्रामक रोगों से करें बचाव - फोटो : Pexels.com
निपाह से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन स्थानों पर निपाह का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है वहां की यात्रा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा बचाव के लिए हाथों को समय-समय पर धोते रहने, संक्रमित जानवरों के निकट संपर्क से बचने और फलों-सब्जियों के सेवन से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करने की सलाह दी जाती है।

अगर कोई व्यक्ति निपाह से संक्रमित है तो उसके निकट संपर्क से बचना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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