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NIPAH Virus: अब तक पांच लोगों में संक्रमण की पुष्टि, कोरोना से भी खतरनाक है ये वायरस, मृ्त्युदर बड़ी चिंता

Thu, 14 Sep 2023 12:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निपाह वायरस का संक्रमण - फोटो : Pixabay
केरल में निपाह वायरस के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ता जा रहा है, यहां पांचवें संक्रमित की पुष्टि हुई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने एक बयान में कहा, कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में कार्यरत 24 वर्षीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां एक नौ वर्षीय बच्चे की संक्रमण के कारण स्थिति काफी नाजुक भी बनी हई है, उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

राज्य में निपाह के बढ़ते संक्रमण के मामले को देखते हुए सरकार ने बुधवार को कोझिकोड और अन्य आसपास के क्षेत्रों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट मुताबिक संक्रमितों के संपर्क में आए करीब 76 लोगों की भी जांच की गई है, उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम ने कहा है कि सभी लोगों को इस संक्रामक रोग से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए। आसपास के राज्यों को भी संक्रमण के बढ़ते जोखिमों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

क्या यह कोरोना जितना ही खतरनाक है? क्या निपाह बड़ा स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है? आइए इस बारे में जानते हैं।
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निपाह वायरस के कारण होने वाली दिक्कते - फोटो : iStock
भारत में देखा जा रहा वायरस, बांग्लादेशी वैरिएंट

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, केरल में जिस निपाह के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ता देखा जा रहा है, वह असल में बांग्लादेशी वैरिएंट है और यह कई प्रकार से चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है। शोध के रिपोर्ट में इस वैरिएंट्स की प्रकृति को लेकर लोगों को सचेत किया गया है। यह कोरोना से भी संक्रामक और घातक हो सकता है।

निपाह से संक्रमण की स्थिति वालों में मृत्युदर 40 से 75 फीसदी के बीच हो सकती है, जोकि गंभीर चिंता का कारण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को निपाह के संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की जरूरत है।
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निपाह का संक्रमण हो सकता है गंभीर - फोटो : iStock
संक्रामकता कम पर मृत्युदर अधिक

केरल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक निपाह के इस वैरिएंट के कारण संक्रामकता दर तो कम है पर इसकी मृत्युदर काफी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य मंत्री जॉर्ज ने पुष्टि की, राज्य के कोझिकोड जिले में हाल ही में हुई अप्राकृतिक मौतें वायरस के कारण हुए संक्रमण का परिणाम थीं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वायरस से प्रभावित लोगों में से एक की मौत इसी महीने हुई है, जबकि दूसरी मौत 30 अगस्त को हुई।

डॉक्टर्स की टीम ने कहा, सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए उपाय करते रहना चाहिए, लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टरी सलाह लें।

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कोरोना और निपाह में अंतर - फोटो : istock
कोरोना से कितना अलग है निपाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है, निपाह वायरस कोरोना की तुलना में अधिक गंभीर जोखिमों वाला हो सकता है। निपाह वायरस का R0 (R naught) 0.43 होने का अनुमान लगाया गया था। R0 एक गणितीय शब्द है जो नए संक्रमणों की औसत संख्या निर्धारित करता है। किसी आबादी में संक्रमण फैलने के लिए, R0 का 1 (>1) से अधिक होना आवश्यक है।

निपाह के कारण गंभीर रोग होने और मौत का खतरा भी अधिक है, हालांकि कोरोना के कारण अब स्थिति काफी नियंत्रित है और वैक्सीनेशन ने गंभीर रोग और मृत्यु के जोखिमों को काफी कम कर दिया है।
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निपाह के लक्षणों पर रखें ध्यान - फोटो : iStock
लक्षणों पर रखें गंभीरता से ध्यान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह संक्रमण की स्थिति में शुरुआत में सामान्य फ्लू जैसे ही लक्षण दिखते हैं, जिसके समय के साथ बढ़ने और गंभीर रूप लेने का जोखिम अधिक हो सकता है। संक्रमितों को बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ के साथ खांसी, गले में खराश, उल्टी और मांसपेशियों में दर्द की समस्या हो सकती है।

समय के साथ इन लक्षणों के गंभीर रूप लेने का भी जोखिम हो सकता है, जिसके कारण इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क में सूजन), कुछ लोगों में कोमा और गंभीर स्थितियों में मृत्यु का भी खतरा हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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