हैजा को एशियाई महामारी के रूप में भी जाना जाता है। एक समय था जब भारत में इस महामारी की वजह से गांव के गांव खाली हो जाते थे, लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर कहीं दूर जाकर बस जाते थे, ताकि वो इस जानलेवा बीमारी की चपेट में न आएं। हालांकि अब तो इसके मामले बहुत कम ही सुनने को मिलते हैं, लेकिन फिर भी वैश्विक स्तर पर देखें तो लाखों लोग अभी भी इस महामारी की चपेट में आ ही जाते हैं। अब इसी से संबंधित एक ताजा अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक खुश करने वाला दावा किया है। अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी का चक्कर लगा रहे उपग्रहों से प्राप्त जलवायु के आंकड़ों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के जरिये भारत के तटीय क्षेत्रों में इस महामारी के फैलने का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।