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National Dengue Day: डेंगू से जुड़ी इन बातों को कहीं आप भी तो नहीं मानते हैं सच? जान लीजिए हकीकत

Fri, 16 May 2025 12:45 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dengue Myths: डेंगू के बारे में हमारे समाज में कुछ मिथक हैं, जिन पर बहुत से लोग भरोसा करते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि उन मिथकों में कितनी सच्चाई है।
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डेंगू - फोटो : Freepik.com
National Dengue Day: हर साल 16 मई को भारत में नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य डेंगू बुखार के बारे में जागरूकता फैलाना और इसके रोकथाम के उपायों को बढ़ावा देना है। डेंगू एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है, जो एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलती है। इस मच्छर के काटने के कुछ घंटे बाद डेंगू के लक्षण दिखने लगते हैं। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकती है। ध्यान देने वाली बात ये है कि डेंगू बुखार का अब तक कोई ज्ञात इलाज नहीं है। इसमें लक्षणों को कम करने वाले तरीकों को प्रयोग में लाया जाता है।

यह बीमारी विशेष रूप से मानसून के दौरान तेजी से बढ़ती है, जब स्थिर पानी में मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। लेकिन डेंगू को लेकर हमारे समाज में कई भ्रांतियां (मिथक) प्रचलित हैं, जो लोगों को गुमराह करती हैं। इस नेशनल डेंगू डे पर, आइए हम चार प्रमुख मिथकों की सच्चाई जानते हैं, जिसे बहुत से लोग सच समझते हैं। 
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मच्छर - फोटो : Freepik.com
मिथक 1: डेंगू एक बार होने के बाद दोबारा नहीं होता
सच्चाई: यह पूरी तरह गलत है। डेंगू वायरस के चार अलग-अलग स्ट्रेन (DENV-1, DENV-2, DENV-3, DENV-4) हैं। एक स्ट्रेन से संक्रमण होने पर उस स्ट्रेन के खिलाफ आजीवन प्रतिरक्षा मिल सकती है, लेकिन अन्य स्ट्रेन से दोबारा संक्रमण हो सकता है। दूसरी बार संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू (डेंगू हेमरेजिक फीवर) का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, डेंगू से बचाव के उपाय हमेशा अपनाने चाहिए।

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डेंगू - फोटो : freepik.com
मिथक 2: डेंगू व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है
सच्चाई: डेंगू संक्रामक बीमारी नहीं है और यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलती है। यह केवल संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। अगर कोई मच्छर डेंगू से संक्रमित व्यक्ति को काटता है और फिर स्वस्थ व्यक्ति को, तभी यह बीमारी फैल सकती है। इसलिए, मच्छरों से बचाव और उनके प्रजनन को रोकना जरूरी है।

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डेंगू का खतरा - फोटो : Freepik.com
मिथक 3: डेंगू मच्छर केवल बुजुर्गों और बच्चों को काटते हैं
भारत में यह गलत धारणा है कि डेंगू केवल बुजुर्गों, बच्चों, गहरे रंग की त्वचा वाले लोगों या महिलाओं को होता है। सच्चाई: डेंगू बीमारी किसी भी उम्र, लिंग या त्वचा के रंग वाले लोगों को हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में कमजोर इम्युनिटी के कारण लक्षण गंभीर हो सकते हैं, लेकिन कोई भी इससे प्रभावित हो सकता है।
 
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मलेरिया-डेंगू, मच्छर - फोटो : Freepik.com
मिथक 4: डेंगू केवल मानसून में होता है
सच्चाई: हालांकि मानसून में डेंगू के मामले बढ़ते हैं, क्योंकि बारिश का पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल होता है, लेकिन यह बीमारी साल भर हो सकती है। एडीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में, जैसे फूलदानों, टायरों या पानी की टंकियों में, किसी भी मौसम में पनप सकते हैं। इसलिए, साल भर साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव जरूरी है।



नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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