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नाना पाटेकर: कभी एक दिन में 60 सिगरेट पी जाते थे नाना; जानिए धूम्रपान की आदत हार्ट के लिए कितनी खतरनाक

Thu, 08 Oct 2026 10:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नाना पाटेकर कभी एक दिन में 60 सिगरेट पी जाते थे, हालांकि बाद में एक घटना ने उनकी ये आदत छुड़ा दी। सिगरेट और तंबाकू का सेवन शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचा सकता है। धूम्रपान से हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सीओपीडी और कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है। जानिए सिगरेट का धुआं हृदय और रक्त वाहिकाओं को कैसे नुकसान पहुंचाता है और धूम्रपान छोड़ना क्यों जरूरी है?
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स्मोकिंग से होने वाले खतरे - फोटो : Amarujala.com/AI
मशहूर फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 5:20 पर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ था। खबरों के मुताबिक उनके सहयोगियों ने कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों को देखते हुए करीब 45 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस खबर ने पूरे देश को गमगीन कर दिया।

क्या आप जानते हैं कि नाना पाटेकर कभी चेन स्मोकर हुआ करते थे? उन्हें धूम्रपान की खतरनाक लत थी। एक इंटरव्यू में नाना ने बताया कि करीब 56 साल की उम्र तक वह हर दिन लगभग 60 सिगरेट पी जाते थे। बेटे के निधन के बाद वे गहरे सदमे में थे और तनाव से निपटने के लिए उन्होंने स्मोकिंग और बढ़ा दी थी। लेकिन 2007-08 के दौरान एक ऐसी घटना हुई जिसके बाद उन्होंने हमेशा के लिए स्मोकिंग छोड़ दी।

नाना ने इंटरव्यू में बताया था कि सिगरेट पीने के कारण उन्हें खूब खांसी होती थी। एक बार खांसते हुए देखकर उनकी बहन जैसी करीबी ने कहा था, अभी मुझे क्या-क्या देखना है? ये बात दिल में घर कर गई और उन्होंने हमेशा के लिए सिगरेट छोड़ दी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिगरेट पीने की आदत बहुत नुकसानदायक हो सकती है। आइए इससे होने वाले खतरों को जान लेते हैं।
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पैसिव स्मोकिंग भी सेहत के लिए खतरनाक - फोटो : Adobe Stock
सिगरेट की लत और इसके जोखिम

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सिगरेट पीना धीरे-धीरे शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है। इसके धुएं में निकोटीन के अलावा हजारों रसायन होते हैं, जिनमें कई जहरीले और कैंसर पैदा करने वाले भी हो सकते हैं।
 
  • धूम्रपान को आमतौर पर फेफड़ों की समस्याओं का कारण माना जाता रहा है। लेकिन इसका असर केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता। ये आदत हृदय, रक्त वाहिकाओं, मस्तिष्क और शरीर के लगभग हर महत्वपूर्ण अंग को प्रभावित कर सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, तंबाकू हर साल दुनियाभर में 80 लाख से अधिक लोगों की मौत का कारण बनता है। इनमें लगभग 13 लाख मौतें ऐसे लोगों की होती हैं जो स्वयं धूम्रपान नहीं करते, लेकिन दूसरे लोगों के धुएं के संपर्क में आते हैं।
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धूम्रपान के नुकसान - फोटो : Freepik.com
किन अंगों को होता है खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, धूम्रपान से हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है और यह रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अच्छी बात यह है कि धूम्रपान छोड़ने के बाद कई तरह के जोखिमों को कम भी किया जा सकता है।
 
सिगरेट की लत का मुख्य कारण निकोटीन है। निकोटीन दिमाग में ऐसे बदलाव करता है, जिससे लोगों को बार-बार सिगरेट पीने की तलब होती है और धीरे-धीरे इसपर निर्भरता बढ़ सकती है। धूम्रपान की लत से सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को होता है। इससे सीओपीडी, फेफड़ों का कैंसर तथा सांस संबंधी अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ता है। 
 
  • इसके अलावा धूम्रपान हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को भी बढ़ाता है।
  • तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन कई प्रकार के कैंसर को भी बढ़ाने वाला हो सकता है। इससे फेफड़े, मुंह, गला, अन्ननली, अग्न्याशय और अन्य अंगों के कैंसर हो सकते हैं।
  • धूम्रपान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित कर सकता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। 
  • यह प्रजनन स्वास्थ्य और गर्भावस्था पर भी गंभीर असर डाल सकता है। गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान से बच्चे के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा रहता है।

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धूम्रपान से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/Ai
धूम्रपान से हार्ट को खतरा

धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं के लिए कई तरह से नुकसानदायक है। सिगरेट के धुएं में मौजूद रसायन रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे धमनियों में प्लाक जमा होने यानी एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या बढ़ सकती है, जिसके कारण शरीर में रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
 
  • निकोटीन दिल की धड़कन और रक्तचाप को बढ़ा सकता है, वहीं सिगरेट के धुएं में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड खून की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को कम करता है।
  • इससे हृदय को शरीर तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।
  • अध्ययनों में पाया गया है कि धूम्रपान करने वालों में कोरोनरी हार्ट डिजीज का जोखिम लगभग 2 से 4 गुना अधिक हो सकता है। धूम्रपान से स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता है।
  • हालांकि अच्छी बात ये है कि धूम्रपान छोड़ने से हृदय संबंधी जोखिम कम होने लगते हैं। इसलिए किसी भी उम्र में धूम्रपान छोड़ना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
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धूम्रपान छोड़ने से क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock Photos
धूम्रपान छोड़ने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं?

अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान छोड़ने के सिर्फ 12 घंटे के बाद से ही शरीर अतिरिक्त कार्बन मोनोऑक्साइड को बाहर निकालना शुरू कर देता है। कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य होने पर शरीर में ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ने लगता है। लगभग 2 सप्ताह के बाद रक्त संचार में सुधार होने लगता है। हृदय और मांसपेशियों में रक्त का संचार ठीक हो जाता है साथ ही फेफड़ों की कार्यक्षमता में भी सुधार होने लगता है।

एक महीने तक धूम्रपान छोड़ने से खांसी और सांस लेने में तकलीफ कम हो जाती है। वहीं एक साल तक धूम्रपान न करने से दिल का दौरा पड़ने और कोरोनरी हृदय रोग का खतरा धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों की तुलना में आधा हो जाता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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