सीपीआर से जान बचने की संभावना
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क्या सीपीआर जान बचाने की गारंटी है?
डॉक्टर कहते हैं, सीपीआर जान बचाने की गारंटी नहीं है, इसे सहायक उपचार के तौर पर प्रयोग में लाया जाता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति के बचने की संभावना को बढ़ाना है।
कार्डिक अरेस्ट के बाद जान बचने की संभावना कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इनमें कार्डियक अरेस्ट का कारण, सीपीआर कितनी जल्दी शुरू हुआ और मरीज अस्पताल तक कितने समय पर पहुंच पाया ये भी जरूरी है। समय रहते सीपीआर न मिलने की तुलना में तुरंत और सही सीपीआर मरीज को जीवित बचने का बेहतर मौका दे सकता है।
कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थितियों में हर सेकंड मायने रखता है। सही समय पर की गई आपकी कार्रवाई किसी व्यक्ति को अस्पताल तक जीवित पहुंचने का मौका दे सकती है।
- अस्पताल के बाहर कार्डियक अरेस्ट का शिकार होने वाले लगभग 90-92% लोग बच नहीं पाते हैं, यानी सर्वाइवल रेट सिर्फ 8% से 10% होती है।
- अस्पताल के अंदर कार्डियक अरेस्ट से बचने की दर थोड़ी ज्यादा देखी जाची रही है क्योंकि मरीज को तुरंत इलाज मिल जाता है। ऐसे मामलों में मृत्यु दर लगभग 70-75% होती है। यहां सर्वाइवल रेट सिर्फ 25% तक हो सकती है।
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स्रोत:
CPR Fact Sheet
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