न्यूमोनिक प्लेग की आशंका
- फोटो : adobe stock images
गौरतलब है कि प्लेग एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो यर्सिनिया पेस्टिस नाम के बैक्टीरिया से होती है। इससे न्यूमोनिक प्लेग का खतरा हो सकता है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है। संक्रमित व्यक्ति के ड्रॉपलेट्स के जरिए इसके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैलने का खतरा हो सकता है। प्लेग को अध्ययनों में कोरोना से भी कई गुना खतरनाक बताया गया है।
अमेरिका भी रख रहा है स्थिति पर नजर
अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि अमेरिका रूस में न्यूमोनिक प्लेग से संभावित मौत की खबर से चिंतित है। अमेरिका, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र यानी सीडीसी और दूसरी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़ी कई जानकारियों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और रूस के अधिकारियों से सटीक जानकारी जल्द और खुले तौर पर साझा करने की अपील की गई है।
सीडीसी के मुताबिक, न्यूमोनिक प्लेग से संक्रमित व्यक्ति में बुखार, सिरदर्द और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके बाद फेफड़ों में तेजी से निमोनिया विकसित हो सकता है। इसमें सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और खांसी हो सकती है। कुछ मरीजों में खांसी के साथ खून या पानी जैसा बलगम भी निकल सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, प्लेग गंभीर बीमारी है और इससे मौत का खतरा काफी अधिक हो सकता है। हालांकि, इसका इलाज संभव है। सही समय पर एंटीबायोटिक दवाएं देने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बरतने से मरीजों का इलाज किया जा सकता है।