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Viral Fever: अस्पतालों में बढ़ने लगे बुखार और गले में इंफेक्शन वाले मरीज, डॉक्टर से जानिए आप कैसे करें बचाव

Sat, 01 Aug 2026 04:34 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बारिश के मौसम के साथ दिल्ली-एनसीआर में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें।
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संक्रामक रोगों के बढ़ते मामले - फोटो : Amarujala.com/AI
दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों कभी बारिश-कभी धूप वाला समय देखा जा रहा है। इस तरह के मौसम को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण फ्लू और कई अन्य प्रकार संक्रामक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

बारिश के दिनों में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी बढ़ाने लग जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पतालों में अब डेंगू, मलेरिया के मामले ज्यादा आने लगे हैं, साथ ही चिकनगुनिया को लेकर भी लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सभी लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहा है क्योंकि हर साल अगस्त से अक्तूबर के बीच इन बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ जाता है।

कहीं आप भी तो इन बीमारियों की चपेट में नहीं हैं? आइए दिल्ली-एनसीआर की मौजूद स्थिति और मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों के खतरे के बारे में जान लेते हैं।
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सर्दी-जुकाम और तेज बुखार के मामले - फोटो : Adobe Stock
वायरल बुखार, सर्दी-खांसी के मामले

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक बारिश का मौसम शुरू होते ही अस्पतालों में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण के मरीज बढ़ने लगे हैं। 
 
  • ग्रेटर नोएडा स्थित एक अस्पताल में मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 20 से 25 प्रतिशत मरीज बढ़ गए हैं। 
  • डॉक्टरों के अनुसार, कुछ मरीजों में लंबे समय तक बुखार रहने की भी शिकायत सामने आ रही है। हालांकि समय पर उपचार और सावधानी बरतने वाले मरीज जल्द ठीक हो रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में इंटरनल मेडिसिन के डॉक्टर अनुज चौहान कहते हैं, ओपीडी में रोज पहुंचने वाले 150-200 मरीजों में तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश, बदन दर्द की शिकायत देखने को मिल रही है। 60 से 70 वायरल बुखार व गले में संक्रमण के मरीज सामने आ रहे। 
 
  • डॉक्टर कहते हैं, बरसात के दिनो में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में दूषित पानी, खुले में रखे खाद्य पदार्थ और गंदगी संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
  • बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में लंबे समय तक रहने से भी वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। 
  • इसके अलावा मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
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संक्रामक बीमारियों के मामले - फोटो : Freepik.com
बारिश में संक्रामक रोगों से बचाव के लिए क्या करें?
 
  • बारिश में भीगने पर तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
  • उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
  • ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन करें, बासी भोजन से बचें।
  • हाथों को साबुन से बार-बार धोएं और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें। 
  • भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छरों का प्रजनन न हो।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।
  • पर्याप्त आराम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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डेंगू बुखार के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
किन लक्षणों को न करें अनदेखा?

डॉक्टर कहते हैं, अगर आपको इन दिनों, लगातार तेज बुखार और सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है, नाक बहती है या फिर गले में खराश बना रहता है, लगातार खांसी- सिरदर्द और बदन दर्द बना रहता है तो इसे अनदेखा न करें। इन लक्षणों में समय रहते डॉक्टर की सलाह लें और जांच कराएं।

तेज बुखार के साथ अगर त्वचा पर रैशेज रहते हैं, बदन में दर्द बना रहता है और पेट खराब हो या फिर शौच के साथ खून आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से इलाज कराएं। ये डेंगू का संकेत हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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