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Health Tips: सुबह उठने के बाद देर तक बनी रहती है मांसपेशियों में जकड़न, जान लें इसके पीछे का मूल कारण

Sat, 17 Jan 2026 08:46 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Morning Muscle Stiffness : अक्सर लोगों को सुबह उठने के बाद काफी देर तक शरीर में आलस रहता है। ऐसे में अच्छे से दिन की शुरुआत होने में बहुत देर हो जाती है। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकती हैं, मगर कई बार दिनचर्या की कुछ गलतियां भी इस समस्या को ट्रिगर कर देती है, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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थकान - फोटो : Freepik
Remedies to Get Rid of Morning Stiffness: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सुबह आंख खुलने के बाद बिस्तर से उठते ही शरीर भारी और जकड़ा हुआ महसूस होता है? हाथ-पैरों को हिलाने में दर्द होता है और सामान्य होने में काफी समय लग जाता है? इस स्थिति को चिकित्सा भाषा में 'मॉर्निंग स्टिफनेस' कहा जाता है। 

अक्सर लोग इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन यह मांसपेशियों और जोड़ों के भीतर पनप रही किसी गंभीर सूजन या ऑटोइम्यून समस्या का शुरुआती लक्षण हो सकता है। जब हम रात को सोते हैं, तो हमारे जोड़ों के बीच का तरल पदार्थ गाढ़ा हो जाता है, जिससे सुबह जकड़न महसूस होती है। 

अगर यह जकड़न 30 मिनट से अधिक बनी रहती है, तो यह 'रुमेटॉयड अर्थराइटिस' या 'फाइब्रोमायल्जिया' जैसी स्थितियों की चेतावनी हो सकती है। शरीर का यह अलार्म संकेत देता है कि आपके ऊतकों को सही पोषण, उचित हाइड्रेशन या चिकित्सकीय परामर्श की तत्काल आवश्यकता है।
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थकान - फोटो : Freepik
हाइड्रेशन और पोषक तत्वों की भारी कमी
मांसपेशियों में जकड़न का एक प्रमुख कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है। रात भर बिना पानी के रहने से मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। इसके अलावा, विटामिन-D और मैग्नीशियम की कमी नसों और मांसपेशियों के बीच के सिग्नल को बाधित करती है। अगर शरीर में इन पोषक तत्वों का लेवल कम है, तो सुबह उठते ही आपको मांसपेशियों में खिंचाव और तीव्र दर्द का अनुभव हो सकता है।

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पेट के बल सोने की आदत - फोटो : Adobe Stock
गलत स्लीपिंग पोस्चर और खराब गद्दा
कभी-कभी समस्या आंतरिक नहीं बल्कि बाहरी होती है। अगर आपका गद्दा बहुत पुराना है या आपका सोने का तरीका सही नहीं है, तो रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। गलत पोस्चर रात भर ब्लड सर्कुलेशन को बाधित करता है, जिससे सुबह उठने पर मांसपेशियों में 'जाम' महसूस होता है। सोते समय तकिए की ऊंचाई और गद्दे की कठोरता का सही रखना बहुत जरूरी है।

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आर्थराइटिस - फोटो : Adobe Stock
सूजन और ऑटोइम्यून समस्याओं का असर
जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला करने लगती है, तो जोड़ों में सूजन आ जाती है। रुमेटॉयड अर्थराइटिस के मरीजों में सुबह की जकड़न सबसे आम लक्षण है। इसके अलावा अधिक तनाव के कारण शरीर में 'कोर्टिसोल' हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है, जो मांसपेशियों में तनाव को जन्म देता है। अगर जकड़न के साथ जोड़ों में लालिमा या गर्माहट महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें, डॉक्टर को दिखाकर इसका इलाज कराएं।
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सुबह की आसल से राहत पाने के लिए क्या करें? - फोटो : Freepik.com
कैसे पाएं इस जकड़न से स्थाई राहत?
मॉर्निंग स्टिफनेस से बचने के लिए रात को हल्का भोजन करें और सोने से पहले थोड़ा गुनगुना पानी पिएं। सुबह उठते ही बिस्तर पर ही हल्के 'स्ट्रेचिंग' व्यायाम करें और धूप में 15 मिनट बिताएं ताकि विटामिन-D मिल सके। अगर ये उपाय काम न करें, तो एक विशेषज्ञ से सलाह लें। ध्यान रखें समय रहते इसे समझना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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