सभी प्रकार के वर्कआउट करें मिक्स
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मिक्स करने से मिलेंगे अच्छे परिणाम
छोटे छोटे वर्कआउट के सेशन का मतलब है एक्सरसाइज को टुकड़ों में बांटकर करना। जैसे लगातार आधा या एक घंटा एक्सरसाइज करने या जिम में बिताने की बजाय 10 मिनिट का डांस या एरोबिक्स का सेशन, 5 मिनिट डीप ब्रीदिंग, 10 मिनिट्स तेज चलना, 10 मिनिट सीढ़ियां चढ़ना, 5-5 पुशअप्स या सिटअप्स मारना या 10 मिनिट्स साइकल चला लेना, आदि। मिनी वर्कआउट को इसी तरह मिक्स भी करना चाहिए कि इनमें स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से लेकर, स्ट्रेचिंग और कार्डियो आदि सब कुछ शामिल हो जाए।
उदाहरण के लिए घर के काम करते समय या बच्चों को स्कूल बस तक छोड़ने-लेने जाते समय ब्रिस्क वॉक, स्पॉट जॉगिंग आदि का उपयोग, दफ्तर में सीट पर बैठे-बैठे डीप ब्रीदिंग करना या शाम को बच्चों के साथ 10 मिनिट का एक डांस का सेशन करना, आदि। आप चाहें तो इसमें वेट उठाने, जुम्बा, एरोबिक्स या अन्य कार्डियो ट्रेनिंग को भी शामिल कर सकते हैं। आपको दिनभर में कभी भी मात्र 10, 5 मिनिट्स का समय 4-5 बार निकालना है जिसमें आप वर्कआउट कर सकें।